दिवाली के बाद कुछ UPI पेमेंट पर लग सकता है चार्ज, NPCI ने क्यों लिया फैसला? जानें पूरी वजह
फिलहाल त्योहार को देखते हुए टाला गया फैसला, चुनिंदा मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर लागू होगा MDR; शुल्क की तारीख का अलग से होगा एलान।
नई दिल्ली। डिजिटल भुगतान करने वाले लोगों और कारोबारियों के लिए UPI से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने दिवाली के त्योहार को ध्यान में रखते हुए कुछ चुनिंदा मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू करने का फैसला फिलहाल टाल दिया है। अब इन चुनिंदा लेनदेन पर शुल्क दिवाली के तुरंत बाद लागू किए जाने की बात कही गई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, UPI एंड सर्विसेज स्टीयरिंग कमेटी ने मंगलवार को इस संबंध में निर्णय लिया। हालांकि, शुल्क लागू होने की सटीक तारीख अभी घोषित नहीं की गई है। NPCI की ओर से इसकी जानकारी अलग से दिए जाने की बात कही गई है।
क्या है MDR और किस पर पड़ेगा असर?
MDR वह शुल्क है, जो डिजिटल भुगतान स्वीकार करने वाले कारोबारियों से भुगतान सेवा से जुड़ी व्यवस्था के तहत लिया जा सकता है। NPCI के फैसले में सभी UPI भुगतानों पर शुल्क लगाने की बात नहीं कही गई है, बल्कि यह कुछ चुनिंदा पर्सन-टू-मर्चेंट (P2M) लेनदेन तक सीमित बताया गया है।
P2M ट्रांजैक्शन का मतलब है किसी दुकान, कारोबारी या मर्चेंट को UPI के जरिए भुगतान करना। इसके विपरीत, किसी व्यक्ति द्वारा दूसरे व्यक्ति को पैसे भेजना पर्सन-टू-पर्सन (P2P) ट्रांजैक्शन कहलाता है।
दिवाली तक क्यों टाला गया फैसला?
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, त्योहार के दौरान होने वाले लेनदेन को ध्यान में रखते हुए शुल्क लागू करने का फैसला फिलहाल टाला गया है। दिवाली के बाद इसे चुनिंदा मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर लागू करने की योजना है। हालांकि, इस बदलाव के पीछे विस्तृत कारणों और किन लेनदेन पर शुल्क लगेगा, इसकी पूरी जानकारी अभी स्पष्ट नहीं है।
ध्यान दें: फिलहाल यह कहना सही नहीं होगा कि दिवाली के बाद हर UPI पेमेंट पर चार्ज लगेगा। शुल्क किन श्रेणियों पर लागू होगा और इसकी दर क्या होगी, इसकी आधिकारिक पुष्टि और विस्तृत दिशानिर्देश सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।





