‘सवाल पूछना अराजकता नहीं’, अभिजीत दिपके का भाजपा पर हमला, बोले- सत्ता में आकर विरोध से डर क्यों?

सीईसी के खिलाफ प्रदर्शनों का बचाव करते हुए दिपके ने कहा, शांतिपूर्ण विरोध लोकतंत्र का अधिकार है; विपक्ष में रहते हुए भाजपा भी करती थी प्रदर्शन।

नई दिल्ली। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों को लेकर सियासत तेज हो गई है। कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार से सवाल पूछना अराजकता नहीं, बल्कि लोकतंत्र का बुनियादी अधिकार है।

दिपके ने कहा कि उनकी पार्टी महात्मा गांधी के शांति और अहिंसा के सिद्धांतों पर चलते हुए मुंबई, पुणे, जयपुर, लखनऊ, बेंगलुरु और नागपुर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर चुकी है। उन्होंने दावा किया कि जयपुर में उन पर हमला हुआ, लेकिन उन्होंने जवाबी कार्रवाई नहीं की।

दिपके ने सवाल उठाया कि विपक्ष में रहते हुए भाजपा भी प्रदर्शन करती थी और तत्कालीन सरकारों से सवाल पूछती थी, लेकिन सत्ता में आने के बाद विरोध को कानून-व्यवस्था के लिए खतरा क्यों बताया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र चुनाव के बाद भी जारी रहता है और सरकार की जिम्मेदारी जनता की आवाज सुनना है। दिपके ने नागरिकों के विरोध प्रदर्शन और सवाल पूछने के अधिकारों का सम्मान करने की मांग की।

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