दिल्ली-एनसीआर में बढ़ा प्रदूषण, ग्रैप-1 लागू; कोयले-लकड़ी के इस्तेमाल पर रोक
दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक 244 पर पहुंचा, निर्माण कार्यों से लेकर वाहनों और कचरा प्रबंधन तक सख्ती के निर्देश जारी
दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान के पहले चरण को लागू कर दिया है। बुधवार को दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक 244 दर्ज किया गया, जो खराब श्रेणी में आता है।
इसके तहत होटल और रेस्तरां में कोयले तथा लकड़ी के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया गया है। पुराने पेट्रोल और डीजल वाहनों पर भी कड़ी निगरानी रखी जाएगी। निर्माण स्थलों पर धूल रोकने, निर्माण सामग्री ढकने और कचरे का उचित निस्तारण करने के निर्देश दिए गए हैं।
सड़कों की मशीनों से सफाई और पानी का छिड़काव सुनिश्चित किया जाएगा। खुले स्थानों पर कचरा फेंकने पर रोक रहेगी। वाहनों के प्रदूषण जांच प्रमाणपत्र की निगरानी बढ़ाई जाएगी। डीजल जनरेटर का नियमित बिजली आपूर्ति के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। लोगों से पुराने वाहनों का उपयोग कम करने, पौधे लगाने और पटाखों से बचने की अपील की गई है।




