यूपी चुनाव 2027: कुर्मी-पासी वोटों पर भाजपा और सपा की नजर, टिकट बंटवारे से साधेंगी जातीय समीकरण, टिकट बंटवारे से साधेंगी जातीय समीकरण
कुर्मी समुदाय करीब 8% और पासी आबादी करीब 4% बताई गई; सपा की भाजपा के वोट बैंक में सेंध लगाने की रणनीति, तो भाजपा के सामने समर्थन बनाए रखने की चुनौती
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले भाजपा और समाजवादी पार्टी की नजर कुर्मी और पासी समुदायों पर है। चुनावी रणनीति में इन दोनों बिरादरियों को अहम माना जा रहा है। खबर के मुताबिक, भाजपा इन समुदायों के बीच अपना समर्थन बनाए रखना चाहती है, जबकि सपा टिकट वितरण के जरिए भाजपा के सामाजिक समीकरण में सेंध लगाने की कोशिश में है।
रिपोर्ट के अनुसार, कुर्मी समुदाय की आबादी करीब आठ प्रतिशत और पासी समुदाय की करीब चार प्रतिशत बताई गई है। दोनों समुदाय कई विधानसभा सीटों पर चुनावी नतीजों को प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं।
सपा गैर-यादव ओबीसी और गैर-जाटव दलित समुदायों को अधिक प्रतिनिधित्व देने की योजना बना रही है। वहीं, भाजपा भी इन वर्गों में टिकट वितरण पर ध्यान दे रही है। 2022 के विधानसभा चुनाव में रिपोर्ट के मुताबिक, 40 कुर्मी और 25 पासी विधायक चुने गए थे। ऐसे में आगामी चुनाव में टिकटों का बंटवारा और जातीय समीकरण राजनीतिक चर्चा के केंद्र में रह सकते हैं।




