लखनऊ में बाढ़ पीड़ितों के लिए 12 रैन बसेरे तैयार, 250 परिवार सुरक्षित निकाले गए
दाउदनगर में 10 समेत अलग-अलग इलाकों में व्यवस्था, 90 नावों से राहत और बचाव अभियान जारी
लखनऊ। शहर में बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत देने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ उनके ठहरने के लिए 12 रैन बसेरे तैयार किए गए हैं। इनमें दाउदनगर में 10, लोहरामऊ में एक और मिल्लतनगर में एक रैन बसेरा बनाया गया है। इन केंद्रों पर बिस्तर, पंखे और भोजन की व्यवस्था की गई है।
प्रशासन की ओर से पलटन, छावनी और उमराव हाता समेत अन्य प्रभावित क्षेत्रों में भी राहत व्यवस्था की गई है। इसके अलावा 100-100 बेड क्षमता वाले तीन स्थायी राहत केंद्रों को भी तैयार रखा गया है, ताकि जलभराव बढ़ने की स्थिति में अधिक संख्या में लोगों को सुरक्षित ठहराया जा सके।
बाढ़ प्रभावित पुराने शहर के इलाकों से अब तक करीब 250 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। राहत और बचाव अभियान के लिए जिला प्रशासन की ओर से 90 नावों का संचालन किया जा रहा है। इन नावों के जरिए प्रभावित बस्तियों में फंसे लोगों को निकालने के साथ राहत सामग्री भी पहुंचाई जा रही है।
बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए सरकार की ओर से फूड पैकेट उपलब्ध कराए जा रहे हैं। जरूरतमंद लोगों तक भोजन और आवश्यक सामग्री पहुंचाने के लिए प्रशासनिक टीमें लगातार काम कर रही हैं। रैन बसेरों में पहुंचने वाले लोगों के लिए भी भोजन और ठहरने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
जलभराव वाले इलाकों में साफ-सफाई और संक्रमण की रोकथाम के लिए 200 से अधिक सफाई कर्मचारियों को तैनात किया गया है। कर्मचारियों की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में सफाई, कूड़ा उठाने और अन्य जरूरी कार्यों में लगी हैं।
प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित इलाकों में लगातार निगरानी की जा रही है। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ जरूरत के अनुसार राहत केंद्रों और नावों की व्यवस्था बढ़ाई जा रही है। अधिकारियों को प्रभावित परिवारों की जरूरतों का तत्काल समाधान करने के निर्देश दिए गए हैं।




