
उत्तर प्रदेश में नकली और गुणवत्ताविहीन दवाओं की जांच और बिक्री पर कड़ी निगरानी के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को हर जिले में जिला औषधि नियंत्रण अधिकारी के नए पद सृजित करने की मंजूरी दी।
प्रदेश में अब तक औषधि निरीक्षकों की संख्या कम थी और कई जिलों में निरीक्षक नहीं थे। कुछ निरीक्षकों के पास दो-दो जिलों की जिम्मेदारी थी। इस योजना के तहत औषधि निरीक्षक पदों की संख्या दोगुनी की जाएगी, जबकि उपायुक्त (औषधि) के पद भी बढ़ाए जाएंगे।
नई व्यवस्था में औषधि निरीक्षक जिला औषधि नियंत्रण अधिकारी के अधीन काम करेंगे। साथ ही संयुक्त आयुक्त (औषधि) के पद पर भी पदोन्नति की जाएगी। इस कदम से नकली दवाओं पर सख्ती से लगाम लगाने और जनता की स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करने की उम्मीद है।



