गोवा अग्निकांड के आरोपी लूथरा ब्रदर्स थाईलैंड से भारत प्रत्यर्पित, खाने के लिए बाहर निकलना पड़ा भारी
गोवा के नाइट क्लब आग हादसे में 25 लोगों की मौत के बाद फरार हुए गौरव और सौरभ लूथरा को थाईलैंड पुलिस ने हिरासत में लिया, प्रत्यर्पण प्रक्रिया जल्द शुरू होगी।

गोवा के अरपोरा स्थित नाइट क्लब में 6 दिसंबर की रात लगी भीषण आग में 25 लोगों की मौत के मामले में आरोपी नाइट क्लब मालिक गौरव लूथरा और उनके भाई सौरभ लूथरा को थाईलैंड से भारत प्रत्यर्पित किया जाना है। आग लगने के समय दोनों भाई दिल्ली में एक शादी में मौजूद थे और घटना की सूचना मिलने के कुछ ही घंटों में फुकेत के लिए रवाना हो गए थे।
सूत्रों के अनुसार, लूथरा ब्रदर्स की गिरफ्तारी में उनकी एक साधारण गलती ने अहम भूमिका निभाई। थाईलैंड में होटल से बाहर खाने के लिए निकलते समय उनकी पहचान हुई। भारतीय अधिकारियों की सूचना मिलने के बाद थाईलैंड पुलिस ने होटल पर निगरानी रखी और जब दोनों बाहर आए तो उनकी यात्रा डिटेल और पहचान की पुष्टि के बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया।
44 वर्षीय गौरव लूथरा और 40 वर्षीय सौरभ लूथरा को बैंकॉक के सुआन फ्लू इमिग्रेशन डिटेंशन सेंटर में रखा गया है। भारत से आवश्यक कानूनी दस्तावेज आने के बाद उनकी डिपोर्टेशन प्रक्रिया पूरी की जाएगी। दोनों के पासपोर्ट पहले ही रद्द कर दिए गए हैं, जिसके कारण भारतीय दूतावास ने आपातकालीन यात्रा प्रमाण पत्र जारी किया है।
गोवा प्रशासन ने आग लगने के बाद नाइट क्लबों और पर्यटन स्थलों पर अवैध गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। वागाटोर स्थित ‘गोया द नाइट क्लब’ को सील कर दिया गया है। राज्य सरकार ने आतिशबाजी, फ्लेम थ्रोअर और अन्य जोखिमपूर्ण उपकरणों के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया है।
गोवा की अदालत ने लूथरा भाइयों की ट्रांजिट अग्रिम जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं। इस घटना में उनके साथ जुड़े एक पार्टनर और निवेशक अजय गुप्ता को भी पुलिस हिरासत में भेजा गया है। प्रशासन ने कहा है कि नाइट क्लब और अन्य पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा मानकों की उल्लंघन रोकने के लिए सख्त निगरानी जारी रहेगी।
गोवा अग्निकांड की यह घटना न केवल राज्य बल्कि पूरे देश में सुरक्षा और नियमों के पालन के महत्व को उजागर करती है। आरोपी जल्द ही भारत लौटने की संभावना है, और मामले की कानूनी प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ेगी।



