महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव 2026: बगावत और इस्तीफा, नामांकन का आखिरी दिन हंगामा
14 शहरों में शिंदे-बीजेपी गठबंधन में भिड़ंत, उम्मीदवारों और समर्थकों में विवाद जारी

महाराष्ट्र के नगर निगम चुनाव 2026 के नामांकन के आखिरी दिन राजनीतिक हलचल चरम पर पहुँच गई। राज्य के 14 प्रमुख शहरों में शिवसेना के शिंदे गुट और बीजेपी के बीच खुले संघर्ष की खबरें सामने आईं। कई जगहों पर उम्मीदवारों और समर्थकों के बीच बगावत, इस्तीफे और जमकर हंगामा देखने को मिला।
नामांकन प्रक्रिया के दौरान शिंदे-बीजेपी गठबंधन के अंदर मतभेद उजागर हुए। कई नगर निगम क्षेत्रों में उम्मीदवारों के चयन को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ। समर्थक सड़कों पर उतर आए, जबकि कुछ उम्मीदवारों ने अपने-अपने पदों से इस्तीफा देने की घोषणा की। प्रशासन ने स्थिति पर काबू पाने के लिए सुरक्षा बढ़ाई और चुनाव अधिकारियों ने हस्तक्षेप किया।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस चुनाव में गठबंधन के भीतर विवाद का असर न केवल प्रचार पर पड़ेगा, बल्कि चुनाव परिणामों पर भी असर दिख सकता है। राजनीतिक विश्लेषक कहते हैं कि शिंदे गुट और बीजेपी के बीच टकराव ने उम्मीदवारों की रणनीति और मतदाता तक उनकी पहुंच को प्रभावित किया है।
राजनीतिक हलचल के बीच पार्टी नेतृत्व ने भी अपने रुख स्पष्ट किए। शिंदे गुट ने कहा कि उनका लक्ष्य गठबंधन के भीतर संतुलन बनाए रखना और मतदाता तक स्पष्ट संदेश पहुंचाना है। वहीं, बीजेपी ने अपने उम्मीदवारों को पूरी तरह समर्थन देने का आश्वासन दिया।
नामांकन प्रक्रिया के पूरा होने के बाद अब चुनाव प्रचार की तीव्रता बढ़ गई है। दोनों पक्ष सोशल मीडिया, रोडशो और जनसभाओं के जरिए मतदाताओं को अपने पक्ष में करने का प्रयास कर रहे हैं। विश्लेषकों का कहना है कि इस चुनाव में गठबंधन के भीतर के मतभेद और स्थानीय मुद्दे निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।
नगर निगम चुनाव 2026 का परिणाम यह साफ करेगा कि गठबंधन के अंदर यह संघर्ष किस दिशा में जाएगा और किस पक्ष को फायदा होगा। इस बार के चुनाव को राजनीतिक विशेषज्ञ “गठबंधन की परीक्षा” कह रहे हैं, क्योंकि पहले से ही नामांकन चरण में ही टकराव और इस्तीफों ने माहौल को गर्म कर दिया है।
इस चुनाव का नतीजा केवल 14 नगर निगमों की सत्ता तय नहीं करेगा, बल्कि यह महाराष्ट्र की राजनीति में गठबंधन के भविष्य के लिए भी इशारा होगा।



