क्रूड ऑयल 100 डॉलर के पार, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज विवाद से वैश्विक बाजारों में हलचल
आपूर्ति बाधित होने की आशंका से तेल कीमतों में 10% उछाल, शेयर बाजारों में भी भारी गिरावट

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में सोमवार को भारी उछाल देखने को मिला। वैश्विक आपूर्ति को लेकर बढ़ती अनिश्चितता के बीच कीमतें एक बार फिर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गईं।
रिपोर्ट्स के अनुसार ईरान और अमेरिका के बीच वार्ता विफल होने के बाद हालात और बिगड़ गए हैं। इसी तनाव के बीच Strait of Hormuz को लेकर उठे विवाद ने बाजारों में घबराहट बढ़ा दी है, क्योंकि यह वैश्विक तेल आपूर्ति का एक महत्वपूर्ण मार्ग है।
सुबह 10:45 बजे ब्रेंट क्रूड 7.41 प्रतिशत या 7.05 डॉलर की बढ़त के साथ 102.2 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि डब्ल्यूटीआई क्रूड 8.54 प्रतिशत या 8.25 डॉलर बढ़कर 104.8 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा।
घरेलू बाजार में भी असर देखा गया। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 20 अप्रैल कॉन्ट्रैक्ट में क्रूड ऑयल 7.61 प्रतिशत या 697 रुपये की बढ़त के साथ 9,850 रुपये प्रति बैरल तक पहुंच गया।
अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने बयान में कहा कि ईरान जलमार्ग को सुरक्षित रखने में विफल रहा है और अमेरिका उन सभी जहाजों को रोकने के लिए तैयार है जो इस क्षेत्र में प्रवेश या निकास करने की कोशिश करेंगे। इस बयान के बाद वैश्विक निवेशकों में चिंता और बढ़ गई।
विशेषज्ञों के अनुसार स्ट्रेट ऑफ होर्मुज वैश्विक तेल व्यापार का एक अहम मार्ग है, जहां से बड़ी मात्रा में कच्चे तेल का परिवहन होता है। यहां किसी भी प्रकार की बाधा का सीधा असर वैश्विक आपूर्ति और कीमतों पर पड़ता है।
इस बीच, तनाव बढ़ने के कारण वैश्विक शेयर बाजारों में भी गिरावट दर्ज की गई। भारत के सेंसेक्स और निफ्टी में लगभग 2 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि एशियाई बाजारों में निक्केई, हैंग सेंग और कोस्पी जैसे प्रमुख सूचकांक भी लाल निशान में कारोबार करते दिखे।
विश्लेषकों का मानना है कि यदि भू-राजनीतिक तनाव इसी तरह जारी रहा तो कच्चे तेल की कीमतों में और बढ़ोतरी संभव है, जिससे वैश्विक महंगाई पर भी दबाव बढ़ सकता है।



