होर्मुज संकट का असर: भारत के 8 प्रमुख उद्योगों की रफ्तार धीमी, बढ़ी चिंता
मिडिल ईस्ट तनाव और सप्लाई बाधित होने से खाद, तेल और कोयला सेक्टर पर गहरा असर, किसानों से लेकर उद्योग तक दबाव
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और Strait of Hormuz पर संकट का असर अब भारत की अर्थव्यवस्था पर साफ दिखने लगा है। Ministry of Commerce and Industry द्वारा जारी मार्च 2026 के आंकड़ों में देश के आठ प्रमुख उद्योगों की ग्रोथ में गिरावट दर्ज की गई है, जो चिंता बढ़ाने वाली है।
खाद और यूरिया सेक्टर को सबसे बड़ा झटका
सबसे ज्यादा असर खाद उत्पादन पर पड़ा है। मार्च 2026 में खाद और यूरिया का उत्पादन पिछले साल के मुकाबले 24.6% तक गिर गया। इसका मुख्य कारण नेचुरल गैस की कमी है, जो बड़े पैमाने पर खाड़ी देशों से आती है।
Strait of Hormuz के बाधित होने से गैस सप्लाई प्रभावित हुई, जिससे उत्पादन में भारी गिरावट आई।
किसानों पर बढ़ेगा दबाव
भारत की करीब 45% आबादी खेती पर निर्भर है। ऐसे में खरीफ सीजन से पहले खाद की कमी किसानों के लिए बड़ी समस्या बन सकती है।
या तो किसानों को महंगे दाम पर खाद खरीदनी पड़ेगी या फिर उत्पादन कम होगा—दोनों ही स्थिति में नुकसान तय है।
अन्य सेक्टर्स भी प्रभावित
सिर्फ खाद ही नहीं, बल्कि कई अन्य अहम सेक्टर भी प्रभावित हुए हैं:
- कच्चा तेल उत्पादन 5.7% गिरा
- कोयला उत्पादन 4% घटा
- बिजली उत्पादन में 0.5% की गिरावट
- रिफाइनरी उत्पादों की ग्रोथ लगभग स्थिर (0.1%) रही
हालांकि कुछ सेक्टर ने राहत भी दी:
- नेचुरल गैस उत्पादन 6.4% बढ़ा
- स्टील उत्पादन 2.2% बढ़ा
- सीमेंट सेक्टर में 4% की वृद्धि दर्ज हुई
इंडेक्स में गिरावट, अर्थव्यवस्था पर असर
आठों कोर सेक्टर्स का संयुक्त सूचकांक मार्च 2026 में 0.4% गिर गया। पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में यह सिर्फ 2.6% बढ़ पाया, जो पिछले वर्षों की तुलना में काफी कम है।
क्या आगे और बिगड़ सकते हैं हालात?
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर Strait of Hormuz पर स्थिति जल्द सामान्य नहीं हुई, तो अप्रैल और मई के आंकड़े और खराब हो सकते हैं।
सरकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती वैकल्पिक सप्लाई चेन तैयार करना होगी, खासकर खाद और गैस के लिए
होर्मुज संकट ने यह साफ कर दिया है कि भारत की अर्थव्यवस्था वैश्विक सप्लाई चेन पर कितनी निर्भर है। अगर समय रहते वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई, तो इसका असर किसानों, उद्योग और आम जनता—तीनों पर देखने को मिल सकता है।





