स्मार्ट मीटर या सिरदर्द? भदोही में बढ़ता विवाद, दोगुने बिल और ऑटो कट से लोग परेशान
भदोही में स्मार्ट मीटर बना विवाद की जड़
स्मार्ट मीटर या सिरदर्द? भदोही में बढ़ता विवाद, दोगुने बिल और ऑटो कट से लोग परेशान
उत्तर प्रदेश के भदोही में इन दिनों स्मार्ट मीटर को लेकर जबरदस्त नाराज़गी देखने को मिल रही है। सरकार जहां स्मार्ट मीटर को डिजिटल और पारदर्शी व्यवस्था की दिशा में बड़ा कदम बता रही है, वहीं आम उपभोक्ता इसे अपनी जेब पर भारी पड़ने वाला फैसला मान रहे हैं।
दोगुने बिल से बढ़ी परेशानी
भदोही के कई उपभोक्ताओं का आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद उनके बिजली बिल अचानक दोगुने तक बढ़ गए हैं। पहले जहां औसत बिल नियंत्रित रहता था, वहीं अब बिना खपत में ज्यादा बदलाव के बिल में भारी बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। इससे मध्यम वर्ग और छोटे व्यापारियों की चिंता बढ़ गई है।
ऑटोमैटिक शटडाउन बना नई समस्या
सिर्फ बिल ही नहीं, बल्कि स्मार्ट मीटर में लगे ऑटोमैटिक कट सिस्टम ने भी लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। बैलेंस खत्म होते ही बिजली तुरंत कट जाती है, जिससे घरों और दुकानों में अचानक अंधेरा छा जाता है। कई लोगों का कहना है कि यह व्यवस्था बिना चेतावनी के बिजली बंद कर देती है, जो काफी असुविधाजनक है।
लोगों का गुस्सा: “पुराना मीटर ही बेहतर”
लगातार बढ़ती समस्याओं के बीच भदोही के लोगों का गुस्सा अब खुलकर सामने आ रहा है। कई उपभोक्ताओं ने साफ कहा कि पारंपरिक मीटर ज्यादा बेहतर और भरोसेमंद थे। स्मार्ट मीटर को लेकर लोगों में भरोसे की कमी साफ दिखाई दे रही है।
सड़कों पर उतरे लोग
मामला अब विरोध प्रदर्शन तक पहुंच चुका है। कई जगहों पर लोग सड़कों पर उतरकर स्मार्ट मीटर के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक व्यवस्था में सुधार नहीं होता, तब तक इसे लागू नहीं किया जाना चाहिए।
सरकार के लिए चुनौती
स्मार्ट मीटर योजना सरकार की डिजिटल पहल का हिस्सा है, लेकिन भदोही जैसे मामलों ने इस योजना पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अगर जल्द समाधान नहीं निकाला गया, तो यह मुद्दा प्रदेशभर में बड़ा राजनीतिक और सामाजिक विवाद बन सकता है।

