‘आसमान से आग बरस रही थी…’ ऑपरेशन सिंदूर पर जैश का कबूलनामा, आतंकियों में अब भी डर

ऑपरेशन सिंदूर को लेकर जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े आतंकियों के बयान सामने आए हैं, जिनमें हमले की रात का खौफ साफ दिखाई देता है।

भारत के ऑपरेशन सिंदूर को लेकर आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के भीतर अब भी डर और बेचैनी का माहौल बताया जा रहा है। सुरक्षा सूत्रों के हवाले से सामने आई जानकारी में दावा किया गया है कि ऑपरेशन के दौरान हुए सटीक हमलों ने आतंकियों के नेटवर्क को बुरी तरह हिला दिया था।

बताया जा रहा है कि जैश से जुड़े कुछ आतंकियों ने पूछताछ और इंटरसेप्टेड बातचीत में उस रात का जिक्र करते हुए कहा कि “आसमान से आग बरस रही थी” और उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि अगला निशाना कौन होगा। इन बयानों को ऑपरेशन की तीव्रता और आतंकियों के भीतर पैदा हुए डर के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

सूत्रों के मुताबिक, ऑपरेशन सिंदूर के बाद कई आतंकी ठिकानों में हलचल बढ़ गई थी। आतंकी संगठन लगातार अपने ठिकाने बदलने और कम्युनिकेशन सिस्टम बदलने को मजबूर हुए। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इस कार्रवाई ने सीमा पार बैठे आतंकी नेटवर्क को बड़ा मनोवैज्ञानिक झटका दिया।

रिपोर्ट्स के अनुसार, ऑपरेशन के बाद पाकिस्तान में सक्रिय आतंकी संगठनों के बीच भी असुरक्षा की भावना बढ़ी है। कई आतंकियों ने कथित तौर पर यह स्वीकार किया कि भारतीय एजेंसियों की सटीक जानकारी और तेज कार्रवाई ने उन्हें संभलने का मौका तक नहीं दिया।

सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे ऑपरेशन सिर्फ सैन्य कार्रवाई नहीं होते, बल्कि उनका असर आतंकी संगठनों के मनोबल पर भी पड़ता है। ऑपरेशन सिंदूर को इसी रणनीतिक दबाव के उदाहरण के तौर पर देखा जा रहा है।

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