जंग रुकवाने की जद्दोजहद में खुद ही घिरा पाकिस्तान, अमेरिकी सांसद लिंडसे ग्राहम ने फिर उठाए सवाल
ईरान-इज़रायल तनाव के बीच पाकिस्तान की मध्यस्थ भूमिका पर अमेरिका में शक गहराया, ग्राहम ने इसे “problematic” बताया और तटस्थता पर सवाल उठाए।

अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव में पाकिस्तान की मध्यस्थ भूमिका अब खुद विवाद का विषय बन गई है। रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने पाकिस्तान को लेकर तीखी टिप्पणी करते हुए उसकी भूमिका को “more than problematic” कहा है। उनका तर्क है कि पाकिस्तान की इज़रायल के प्रति पुरानी नाराजगी और हालिया बयानबाज़ी उसकी तटस्थता पर सवाल खड़े करती है।
ग्राहम ने यह भी दावा किया कि अगर पाकिस्तान की धरती पर ईरानी सैन्य विमान सुरक्षित रखे जा रहे हैं, तो फिर उसे निष्पक्ष मध्यस्थ नहीं माना जा सकता। इसी आधार पर उन्होंने अमेरिकी नीति-निर्माताओं से पाकिस्तान की भूमिका पर फिर से विचार करने की अपील की। इस मुद्दे ने वॉशिंगटन में नई बहस छेड़ दी है कि क्या इस तरह के संवेदनशील शांति प्रयासों में पाकिस्तान भरोसेमंद साझेदार है भी या नहीं।
यह विवाद ऐसे समय में बढ़ा है जब पाकिस्तान पहले ही अमेरिकी-ईरान वार्ता में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। Reuters के मुताबिक, पाकिस्तान और क़तर जैसे पक्षों की मध्यस्थता से बातचीत आगे बढ़ रही है, जबकि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने सीमित प्रगति की बात कही है। दूसरी ओर, ईरान के शीर्ष वार्ताकार ने भी साफ किया है कि तेहरान बिना ठोस शर्तों के समझौता करने के मूड में नहीं है।
इसी बीच डोनाल्ड ट्रंप ने अब्राहम अकॉर्ड्स को किसी संभावित ईरान समझौते से जोड़ने की कोशिश की है और पाकिस्तान से भी इस ढांचे में शामिल होने की बात कही है, लेकिन इस पर इस्लामाबाद ने सहमति नहीं दी है। ऐसे में पाकिस्तान के लिए स्थिति और जटिल हो गई है—एक तरफ मध्यस्थ की भूमिका, दूसरी तरफ अमेरिका के भीतर उसकी विश्वसनीयता पर उठते सवाल।