होर्मुज के पास जहाज पर ड्रोन हमला, दो भारतीय नाविक लापता
तीन दिन में भारतीय चालक दल वाले तीन जहाजों पर हमले, भारत ने कहा—व्यापारी जहाजों को निशाना बनाना बंद हो
नई दिल्ली। होर्मुज जलडमरूमध्य और ओमान के तट के पास वाणिज्यिक जहाजों पर लगातार हो रहे हमलों के बीच दो भारतीय नाविक लापता हो गए हैं। भारत ने इन हमलों की कड़ी निंदा करते हुए इन्हें तत्काल रोकने की मांग की है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि व्यापारी जहाजों और नाविकों को निशाना बनाने से क्षेत्र में तनाव और बढ़ सकता है।
11 अक्टूबर को निकारागुआ के झंडे वाला टैंकर एमटी पेट्रो डॉल्फिन ओमान के सोहर एंकरिज के पास ड्रोन हमले की चपेट में आ गया। जहाज पर 11 भारतीय नाविक सवार थे। इनमें से नौ को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि दो नाविक लापता हैं। स्थानीय तटरक्षक बल उनकी तलाश में अभियान चला रहा है। भारतीय दूतावास ओमान के अधिकारियों और जहाज प्रबंधन कंपनी के संपर्क में है।
इसी दिन मार्शल द्वीप के झंडे वाले टैंकर एमटी वाल्थेरा को होर्मुज जलडमरूमध्य के पास अज्ञात प्रक्षेप्य से निशाना बनाया गया। हमले के बाद जहाज में आग लग गई, लेकिन उस पर सवार सभी 11 भारतीय नाविक सुरक्षित बताए गए हैं।
इससे पहले 6 अक्टूबर को पनामा के झंडे वाले जहाज एमटी ऑन पीस पर भी हमला हुआ था। उस समय जहाज पर कुल 19 सदस्य सवार थे, जिनमें 17 भारतीय थे। हमले में 12 नाविक घायल हुए थे, जिनमें 11 भारतीय नागरिक शामिल थे।
लगातार हो रही घटनाओं ने खाड़ी क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। भारत ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर सुरक्षित नौवहन और व्यापार सुनिश्चित किया जाना चाहिए। सरकार लापता नाविकों का पता लगाने और प्रभावित भारतीयों को सहायता देने के लिए संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय कर रही है।




