थोक महंगाई दर बढ़कर 11.39% पहुंची, ईंधन और खाद्य वस्तुओं की महंगाई से बिगड़ सकता है बजट

अगस्त में 9.92 प्रतिशत थी दर, सितंबर में ईंधन-बिजली, खाद्य वस्तुओं और निर्मित उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज

नई दिल्ली। देश में थोक महंगाई दर में सितंबर 2026 के दौरान तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) आधारित महंगाई दर अगस्त के 9.92 प्रतिशत से बढ़कर सितंबर में 11.39 प्रतिशत हो गई। ईंधन, बिजली, खाद्य वस्तुओं और औद्योगिक उत्पादों की कीमतों में वृद्धि को इसका प्रमुख कारण बताया गया है।
ईंधन और बिजली श्रेणी में महंगाई दर अगस्त के 22.93 प्रतिशत से बढ़कर सितंबर में 25.85 प्रतिशत पर पहुंच गई। वहीं, निर्मित उत्पादों की महंगाई दर 8.37 प्रतिशत से बढ़कर 9.76 प्रतिशत दर्ज की गई। प्राथमिक वस्तुओं की महंगाई भी 7.76 प्रतिशत से बढ़कर 8.67 प्रतिशत हो गई।
खाद्य वस्तुओं से जुड़े थोक मूल्य सूचकांक में भी बढ़ोतरी हुई है। फूड इंडेक्स आधारित महंगाई दर अगस्त के 7.05 प्रतिशत से बढ़कर सितंबर में 8.66 प्रतिशत दर्ज की गई। इससे खाद्य पदार्थों की लागत पर दबाव बढ़ने के संकेत मिलते हैं।
आपकी जेब पर क्या असर पड़ेगा?
थोक महंगाई बढ़ने से कारोबारियों और निर्माताओं की लागत बढ़ सकती है। यदि कंपनियां इस बढ़ी हुई लागत का बोझ उपभोक्ताओं पर डालती हैं, तो खाद्य पदार्थों, घरेलू सामान और अन्य उत्पादों की कीमतें बढ़ सकती हैं। हालांकि, थोक महंगाई में बढ़ोतरी का असर खुदरा कीमतों पर तुरंत या समान अनुपात में पड़े, यह जरूरी नहीं है।

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