फ्रांस के प्रदर्शनों के पीछे वैश्विक वामपंथी नेटवर्क? भारत तक जुड़े तार, रिपोर्ट में बड़ा दावा
50 संगठनों की भूमिका पर उठे सवाल, छात्र आंदोलनों के समर्थन में भारत से जुड़े संगठन का भी जिक्र; हिंसा और राजनीतिक एजेंडे को लेकर बहस तेज
फ्रांस में छात्र प्रदर्शनों के पीछे वैश्विक वामपंथी संगठनों की भूमिका होने का दावा किया गया है। फॉक्स न्यूज डिजिटल की नौ अक्टूबर को प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, फ्रांस के छात्र आंदोलनों से जुड़े नेटवर्क में 50 संगठनों की पहचान की गई है। इनमें 15 छात्र एवं युवा संगठन और 35 श्रमिक संघ, राजनीतिक दल तथा नागरिक अधिकार समूह बताए गए हैं।
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस नेटवर्क की गतिविधियां अमेरिका, ब्रिटेन, ग्रीस, ब्राजील और भारत तक फैली हैं। इसमें फ्रांस स्थित इंडियन अलायंस पेरिस का भी उल्लेख है, जिसने सोशल मीडिया पर फ्रांस के प्रदर्शनों का समर्थन किया और उनकी तुलना भारत के छात्र आंदोलनों से की।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी फ्रांस की स्थिति पर टिप्पणी की। वहीं, राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने हिंसा की निंदा की। हालांकि, भारत में हिंसा भड़काने की साजिश के दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। रिपोर्ट में लगाए गए आरोपों को स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता।


