‘देव डी’ की सिनेमाघरों में वापसी, अनुराग कश्यप ने बताया विद्रोह की कहानी
17 साल बाद फिर बड़े पर्दे पर लौट रही देव डी, निर्देशक अनुराग कश्यप बोले—यह फिल्म उनके गुस्से और सिस्टम के खिलाफ बगावत की अभिव्यक्ति थी

बॉलीवुड की चर्चित और कल्ट क्लासिक फिल्म देव डी एक बार फिर सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है। 24 अप्रैल को यह फिल्म चुनिंदा थिएटरों में दोबारा दर्शकों के बीच आएगी। इस खास मौके पर निर्देशक अनुराग कश्यप ने फिल्म से जुड़ी कई यादें साझा करते हुए बताया कि यह फिल्म सिर्फ एक कहानी नहीं, बल्कि उनके भीतर के गुस्से और विद्रोह का परिणाम थी।
साल 2009 में रिलीज हुई इस फिल्म ने अनुराग कश्यप को इंडस्ट्री में एक मजबूत पहचान दिलाई थी, इससे पहले कि वह गैंग्स ऑफ वासेपुर जैसी फिल्मों से और बड़ा मुकाम हासिल करते। देव डी को खास तौर पर इसके अनोखे नैरेटिव, म्यूजिक और बोल्ड प्रस्तुति के लिए सराहा गया था।
फिल्म में अभय देओल, माही गिल और कल्कि कोचलिन ने मुख्य भूमिकाएं निभाईं। यह फिल्म महान साहित्यकार शरत चंद्र चट्टोपाध्याय के उपन्यास ‘देवदास’ का आधुनिक रूपांतरण थी, जिसे अनुराग ने एक नए और यथार्थवादी नजरिए से पेश किया।
अनुराग कश्यप के अनुसार, वह पारंपरिक ‘देवदास’ की छवि को तोड़ना चाहते थे। उन्होंने पारो और चंदा जैसे किरदारों को आधुनिक सोच के साथ गढ़ा, जहां महिलाएं केवल त्याग की प्रतीक नहीं, बल्कि अपनी इच्छाओं और फैसलों के साथ मजबूत व्यक्तित्व रखती हैं। फिल्म का अंत भी पारंपरिक सुखांत से अलग रखा गया, ताकि दर्शक सोचने पर मजबूर हों।
फिल्म की री-रिलीज को लेकर अनुराग खासे उत्साहित हैं। उन्हें उम्मीद है कि नई पीढ़ी भी इस फिल्म और इसके संगीत को उसी तरह सराहेगी, जैसे पहले किया गया था। खास बात यह भी है कि इस फिल्म से कल्कि कोचलिन ने बॉलीवुड में डेब्यू किया था, जबकि नवाजुद्दीन सिद्दीकी का कैमियो भी दर्शकों को खूब पसंद आया था।





