खाड़ी और पश्चिम एशिया में भारतीय नाविक सुरक्षित, 2,000 से अधिक लोगों की वापसी: केंद्र सरकार
सरकार ने बताया—नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित, दूतावास और शिपिंग मंत्रालय लगातार कर रहे निगरानी और सहायता

भारत सरकार ने रविवार को जानकारी दी कि खाड़ी और पश्चिम एशिया क्षेत्र में सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और पिछले 24 घंटों में किसी भी भारतीय झंडे वाले जहाज से जुड़ी कोई अप्रिय घटना सामने नहीं आई है।
पोर्ट्स, शिपिंग और जलमार्ग मंत्रालय के अनुसार Directorate General of Shipping के माध्यम से अब तक 2,084 से अधिक भारतीय नाविकों को सुरक्षित वापस लाया जा चुका है। इनमें पिछले 24 घंटों में खाड़ी क्षेत्र के विभिन्न स्थानों से 75 नाविक शामिल हैं, जिन्हें सुरक्षित भारत लौटने में सहायता प्रदान की गई।
मंत्रालय ने बताया कि सभी प्रमुख बंदरगाहों पर स्थिति सामान्य है और किसी प्रकार की भीड़ या परिचालन बाधा नहीं है। सरकार लगातार विदेश मंत्रालय और विभिन्न भारतीय दूतावासों के साथ समन्वय में काम कर रही है ताकि समुद्री गतिविधियों और नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
शिपिंग कंट्रोल रूम 24 घंटे सक्रिय है और अब तक 6,053 से अधिक कॉल तथा 12,787 से ज्यादा ईमेल प्राप्त कर उनका समाधान किया जा चुका है। पिछले 24 घंटों में ही 80 कॉल और 112 ईमेल दर्ज किए गए हैं, जिन पर तेजी से कार्रवाई की गई।
सरकारी बयान के अनुसार Ministry of External Affairs, India और संबंधित दूतावास खाड़ी और पश्चिम एशिया की स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं। भारतीय दूतावास 24 घंटे हेल्पलाइन सेवाएं चला रहे हैं और जरूरतमंद भारतीय नागरिकों को सहायता प्रदान कर रहे हैं।
सरकार ने यह भी बताया कि 28 फरवरी से अब तक लगभग 8,97,000 यात्री इस क्षेत्र से भारत लौट चुके हैं। संयुक्त अरब अमीरात में सीमित विशेष उड़ानें संचालित हो रही हैं, जबकि सऊदी अरब और ओमान से भी नियमित उड़ानें जारी हैं। कतर में आंशिक रूप से खुले हवाई क्षेत्र के कारण कुछ सीमित उड़ानें संचालित हो रही हैं।
ईरान और इजराइल में हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण वहां फंसे भारतीयों को वैकल्पिक मार्गों जैसे आर्मेनिया, अजरबैजान, जॉर्डन और मिस्र के जरिए सुरक्षित भारत लाया जा रहा है। सरकार ने कहा कि वह स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।



