प्रयागराज में शक्तिपीठ और मंदिरों का 124 करोड़ रुपये से हुआ बुनियादी ढांचा विकास

नवरात्र के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ के लिए आधुनिक व्यवस्थाएं, सुरक्षा और सुविधाओं का विशेष ध्यान

चैत्र नवरात्र के महापर्व के साथ ही प्रयागराज के शक्तिपीठों और मां दुर्गा के मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। भीड़ बढ़ने के चलते प्रशासन ने न केवल सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा किया है, बल्कि मंदिरों में आने वाले भक्तों के लिए सुविधाओं में भी कई सुधार किए गए हैं। नगर निगम ने स्वच्छता और जलापूर्ति के लिए आरओ सिस्टम स्थापित किए हैं, वहीं कतारों के लिए शेड और बिजली के फैन लगाए गए हैं।

मंदिरों में गर्भगृह से लेकर बाहरी मार्ग तक सीसीटीवी निगरानी और जरूरत पड़ने पर ड्रोन की मदद से भी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। प्रशासन ने नए फॉर्मूले के तहत भीड़ प्रबंधन लागू किया है, जिससे श्रद्धालु सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से दर्शन कर सकें।

योगी सरकार के कार्यकाल में धर्मार्थ कार्य विभाग और पर्यटन विभाग ने मंदिरों के विकास में महत्वपूर्ण पहल की है। प्रयागराज में मां आलोप शंकरी शक्तिपीठ के लिए 6 करोड़ और मां कल्याणी देवी शक्तिपीठ के लिए 1.01 करोड़ की लागत से जीर्णोद्धार, पार्किंग, यात्री शेड, टॉयलेट, पेयजल, साइनेज और फसाड लाइटिंग जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं। प्रतापगढ़ बेल्हाधाम में 2.83 करोड़ से पक्के घाट का निर्माण हुआ, जबकि कौशाम्बी में 2.60 करोड़ की लागत से मां शीतला धाम में कुबरी घाट का निर्माण और आरती स्थल विकसित किया गया।

मंडल के शक्तिपीठ और मंदिरों में कुल 124 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विकास और कनेक्टिविटी के कार्य किए गए हैं। यह परियोजना न केवल धार्मिक स्थलों की सौंदर्यीकरण और आधारभूत संरचना को मजबूत करती है, बल्कि श्रद्धालुओं के अनुभव को भी सुरक्षित और सुविधाजनक बनाती है।

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