Iran War Impact: मिडिल ईस्ट तनाव के बीच भारत में महंगाई पर निर्मला सीतारमण का आश्वासन
केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि कच्चे तेल की बढ़ी कीमतों का असर भारत में सीमित रहेगा, वस्तुओं की कीमतें फिलहाल स्थिर।

मिडिल ईस्ट में ईरान और इजरायल के बीच जारी संघर्ष के बाद वैश्विक क्रूड ऑयल की कीमतों में भारी उछाल देखने को मिला है। चार साल में पहली बार क्रूड ऑयल 100 डॉलर के पार पहुंचकर लगभग 114 डॉलर प्रति बैरल हो गया। ईरान द्वारा स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को बंद करने की धमकी और खाड़ी देशों की शिपमेंट में कटौती की खबरों ने वैश्विक ऊर्जा बाजार में चिंता बढ़ा दी है।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में लिखित जवाब में कहा कि भारत की घरेलू वस्तुओं की कीमतें फिलहाल अपेक्षाकृत स्थिर हैं। इसलिए कच्चे तेल में वृद्धि का महंगाई पर असर सीमित रहेगा। उन्होंने बताया कि फरवरी के अंत में इंडियन क्रूड बास्केट की कीमत 69.01 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 80.16 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंची, लेकिन इसका भारतीय उपभोक्ताओं पर प्रभाव मामूली होगा।
भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का लगभग 90 प्रतिशत आयात पर निर्भर करता है, इसलिए मिडिल ईस्ट में तनाव के दौरान स्थिति चुनौतीपूर्ण हो सकती है। हालांकि वित्त मंत्री ने आश्वासन दिया कि सरकार हालात पर नजर रखे हुए है और महंगाई को नियंत्रित करने के उपाय लागू किए जाएंगे।





