मेरठ अग्निकांड: मां के आगोश से बचकर किचन में छिपा बच्चा अकदस, पिता बोले- मायके में रहती तो नहीं होती जान

भीषण आग में पांच बच्चों और पत्नी की मौत, अकदस ने मां से दूर रहकर बचाई जान

मेरठ: मेरठ के लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र के किदवई नगर इस्लामाबाद में सोमवार रात लगभग 8:45 बजे कपड़ा कारोबारी इकबाल अहमद के मकान में भीषण आग लग गई। आग शॉर्ट सर्किट से शुरू हुई और कमरे में रखे कपड़ों में तेजी से फैल गई। हादसे में झुलसने और दम घुटने से आसिम की पत्नी रुखसार, उनका तीन साल का बेटा अकदस, छह माह की जुड़वां बेटियां अनबिया और आयत (इनायत) तथा परिवार के अन्य सदस्य महविश और हम्माद की मौत हो गई।

हादसे की भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अकदस मां के आगोश से निकलकर किचन में छिप गया था, जहां उसे बेसुध हालत में पाया गया। पिता आसिम ने बताया कि अगर उनकी पत्नी बच्चों को लेकर मायके में रहतीं, तो यह हादसा नहीं होता। हादसे से पहले रुखसार बच्चों के कपड़े सिलवाने और अकदस को खिलौना दिलाने बाजार गई थीं।

जुड़वां बेटियों को हाल ही में बीमार होने के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हादसे के बावजूद परिवार और परिजन ने मंगलवार को रोजा रखा। आसिम ने बताया कि हादसे के समय मोहल्ले के अधिकांश पुरुष नमाज पढ़ने मस्जिद गए थे।

जानकारी के अनुसार:

  • मकान में आग की लपटें तेजी से फैल गईं।

  • दमकल और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर प्रभावित लोगों को पास के अस्पताल में पहुंचाया, जहां पांच बच्चों और एक महिला को मृत घोषित किया गया।

  • इकबाल के पांच बेटे इस घर में रहते थे और कपड़े का व्यवसाय भी यहीं संचालित होता था।

हादसे के बाद इलाके में मातम पसरा है। जनाजे और दफना समारोह में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। हादसा एक बार फिर आग सुरक्षा और छोटे व्यवसायिक घरों में बचाव उपायों की आवश्यकता को उजागर करता है।

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