यूपी में प्रेशर हॉर्न पर सख्ती: अब बजाया तो जेल और भारी जुर्माना तय

ध्वनि प्रदूषण रोकने के लिए नए नियम लागू, मॉडिफाइड साइलेंसर और अवैध हूटर पर भी कड़ा एक्शन

Uttar Pradesh में अब प्रेशर हॉर्न, मॉडिफाइड साइलेंसर और अवैध हूटर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी हो गई है। Transport Department Uttar Pradesh ने अदालत के निर्देशों के अनुपालन में नई मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी की है, जिसके तहत नियम तोड़ने वालों पर जुर्माना ही नहीं बल्कि जेल तक की सजा हो सकती है।

 क्या हैं नए नियम?

नई गाइडलाइन के मुताबिक अब:

  • प्रेशर हॉर्न और अवैध हूटर का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा
  • मॉडिफाइड साइलेंसर वाले वाहनों पर सख्त कार्रवाई होगी
  • ऐसे उपकरण बेचने और लगाने वाले दुकानदारों पर भी एफआईआर दर्ज की जाएगी
  • नियम तोड़ने वाले वाहनों का रजिस्ट्रेशन निलंबित किया जा सकता है

 साइलेंस जोन में विशेष सख्ती

ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए अस्पताल, स्कूल और अदालतों के आसपास के क्षेत्रों को “साइलेंस जोन” घोषित करने के निर्देश दिए गए हैं।
इन क्षेत्रों में निर्धारित सीमा से ज्यादा आवाज वाले हॉर्न बजाने या अनावश्यक हॉर्न का इस्तेमाल करने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।

 सजा और जुर्माने का प्रावधान

Motor Vehicles Act के तहत:

  • पहली बार उल्लंघन पर 3 महीने तक की जेल या ₹10,000 जुर्माना या दोनों
  • दोबारा गलती पर 6 महीने तक की जेल या ₹10,000 जुर्माना या दोनों
  • अनावश्यक हॉर्न बजाने पर पहली बार ₹1,000 और दोबारा ₹2,000 जुर्माना

 मोबाइल ऐप से होगी शिकायत

सरकार जल्द ही एक मोबाइल ऐप लॉन्च करने की तैयारी में है, जहां आम लोग फोटो और वीडियो के जरिए शिकायत दर्ज कर सकेंगे। इससे नियमों के पालन में पारदर्शिता और तेजी आएगी।

 क्यों जरूरी है यह सख्ती?

लगातार बढ़ते ध्वनि प्रदूषण को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। तेज आवाज वाले हॉर्न और साइलेंसर न केवल ट्रैफिक व्यवस्था बिगाड़ते हैं, बल्कि बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों के लिए भी परेशानी का कारण बनते हैं।

Uttar Pradesh सरकार का यह कदम सड़क सुरक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए अहम माना जा रहा है। अब वाहन चालकों को नियमों का पालन करना ही होगा, वरना जेल और भारी जुर्माना दोनों का सामना करना पड़ सकता है।

Related Articles

Back to top button