Ramadan 2026: सऊदी अरब में 17 फरवरी को चांद देखने की अपील, भारत में रमजान की शुरुआत कब?
माह-ए-रमजान इस्लाम का पवित्र महीना, नया चांद नजर आने पर ही रोजा की शुरुआत; भारत में संभावित पहला रोजा 19 फरवरी 2026 से।

लखनऊ। रमजान 2026 का महीना मुस्लिम समुदाय के लिए आध्यात्मिक और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस्लामिक कैलेंडर चंद्रमा पर आधारित होने के कारण रमजान की शुरुआत हर साल लगभग 10-11 दिन पहले आती है। इस वर्ष सऊदी अरब की सुप्रीम कोर्ट ने मुसलमानों से अपील की है कि वे 17 फरवरी 2026 की शाम नया चांद देखें।
यदि 17 फरवरी को चांद दिखाई देता है, तो सऊदी अरब में 18 फरवरी से पहला रोजा रखा जाएगा। वहीं भारत में मुस्लिम समुदाय के लिए पहला रोजा 19 फरवरी 2026 को रखा जा सकता है। यदि 18 फरवरी को भारत में चांद दिखाई नहीं देता, तो पहला रोजा 20 फरवरी से शुरू होगा। हालांकि, अंतिम फैसला स्थानीय चांद की नजर आने की स्थिति पर निर्भर करता है।
सऊदी अरब में चांद दिखने का महत्व इसलिए भी है क्योंकि कई बार भारत में नया चांद दिखाई नहीं देता। ऐसे में भारत में रमजान की शुरुआत सऊदी अरब में चांद देखने के एक दिन बाद से होती है। हर साल चंद्रमा की स्थिति के कारण रमजान की तारीख में अंतर आता है।
मुस्लिम समुदाय इस पवित्र महीने में रोजा रखने के साथ-साथ इबादत, कुरान पढ़ने और आत्मिक शुद्धि का विशेष ध्यान रखता है। रमजान का महीना संयम, सहनशीलता और परोपकार का संदेश देता है।
इस वर्ष भी रमजान के महीने में पूरे देश में मुस्लिम समुदाय आध्यात्मिक अनुष्ठानों और रोजा रखने के लिए तैयार है।



