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लखनऊ: भाजपा नेता शिवम सिंह हत्याकांड में CCTV से मिले अहम सुराग, चार आरोपियों की तलाश तेज
लखनऊ के विभूतिखंड इलाके में भाजपा नेता शिवम सिंह की हत्या के मामले में पुलिस जांच अब और तेज हो…
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असद के एनकाउंटर के बाद फूटी सूर्या की मां की पीड़ा, बोलीं- मेरे जिगर के टुकड़े को मार डाला, बाकी का भी हो एनकाउंटर
गाजियाबाद के सूर्या चौहान हत्याकांड में मुख्य आरोपी असद के पुलिस एनकाउंटर के बाद पीड़ित परिवार का गुस्सा और दर्द…
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‘तारीख पर तारीख’ अब और नहीं: सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्टों को दिए सख्त निर्देश, 3 महीने में सुनाना होगा रिजर्व फैसला
सुप्रीम कोर्ट ने न्यायिक फैसलों में हो रही अनावश्यक देरी पर कड़ा रुख अपनाते हुए सभी हाईकोर्टों के लिए अहम दिशा-निर्देश दोहराए हैं। अदालत ने कहा कि जब किसी मामले की सुनवाई पूरी होकर फैसला सुरक्षित रख लिया जाए, तो उसे लंबे समय तक लटकाए रखना उचित नहीं है। कोर्ट के अनुसार, यदि तीन महीने के भीतर फैसला नहीं सुनाया जाता है, तो रजिस्ट्रार जनरल को मामला संबंधित हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के सामने रखना होगा। शीर्ष अदालत ने यह टिप्पणी उस मामले की सुनवाई के दौरान की, जिसमें इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक आपराधिक अपील लगभग एक साल तक फैसला सुरक्षित रहने के बावजूद सूचीबद्ध नहीं की गई थी। सुप्रीम कोर्ट इस देरी को देखकर “हैरान और आश्चर्यचकित” हुआ और कहा कि ऐसे हालात न्यायिक प्रक्रिया पर लोगों का भरोसा कमजोर करते हैं। कोर्ट ने पहले से मौजूद Anil Rai v. State of Bihar वाले सिद्धांतों को फिर से लागू करते हुए यह व्यवस्था दोहराई कि हर हाईकोर्ट की रजिस्ट्री को समय समय पर उन मामलों की सूची मुख्य न्यायाधीश को देनी होगी, जिनमें फैसला सुरक्षित होने के बावजूद तीन महीने में नहीं सुनाया गया। अगर इसके बाद भी आदेश नहीं आता, तो मुख्य न्यायाधीश संबंधित पीठ को दो हफ्ते के भीतर फैसला सुनाने को कहेंगे; ऐसा न होने पर मामला किसी दूसरी पीठ को सौंपा जा सकता है। यह फैसला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि आदेश सुरक्षित रखने के बाद लंबे समय तक चुप्पी बनाए रखना सिर्फ प्रक्रियात्मक देरी नहीं, बल्कि न्याय से वंचित करने जैसा है। अदालत ने यह भी संकेत दिया कि कई हाईकोर्टों में ऐसा कोई प्रभावी तंत्र नहीं है, जिससे पक्षकार खुद देरी की शिकायत कर सकें। कुल मिलाकर, यह आदेश हाईकोर्टों के लिए एक सख्त प्रशासनिक संदेश है कि अब “तारीख पर तारीख” की आदत खत्म करनी होगी और सुरक्षित फैसलों को तय समयसीमा में सुनाना ही होगा।
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POCSO मामले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को सुप्रीम कोर्ट से राहत, अग्रिम जमानत बरकरार
POCSO एक्ट से जुड़े एक मामले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। शीर्ष अदालत…
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प्रॉपर्टी डीलर हत्याकांड: CCTV में दिखे शूटर, लखनऊ से लेकर जौनपुर तक विवादों की जड़ें खंगाल रही पुलिस By Santosh Tiwari Edited By: Sakshi Gupta Updated: Thu, 28 May 2026 01:22 PM (IST) लखनऊ के कल्ली पश्चिम में प्रॉपर्टी डीलर संदीप सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस लेनदेन और कारोबारी विवाद सहित कई बिंदुओं पर जौनपुर से वृंदावन त …और पढ़ें preferred source google News Article Hero Image प्रॉपर्टी डीलर की गोली मारकर हुई हत्या। जागरण संवाददाता, लखनऊ। कल्ली पश्चिम में बुधवार की सुबह हुई प्रॉपर्टी डीलर संदीप सिंह की गोली मार कर हत्या के मामले में पुलिस की टीमें कई बिंदुओं पर पड़ताल कर रही हैं। हालांकि, अभी तक किसी को पुलिस चिन्हित नहीं कर सकी है। पुलिस जौनपुर से लेकर वृंदावन तक अलग-अलग बिंदुओं पर तथ्य जुटा रही है। पुलिस ने हत्या के कारणों की पुष्टि नहीं की है। प्रॉपर्टी डीलर संदीप सिंह बुधवार को वृंदावन कालोनी स्थित अपने घर से रायबरेली रोड के कल्ली पश्चिम में अपने कार्यालय पहुंचे थे तभी अज्ञात बदमाशों ने गोलियां मारकर उनकी हत्या कर दी। अब पीजीआइ थाने की पुलिस लेनदेन और कारोबार में विवाद को केंद्र में रखकर जांच कर रही है। उधर, नकाबपोश बदमाशों की तलाश में पुलिस ने घटनास्थल के पांच किलोमीटर के दायरे में लगे कई सीसी कैमरों की फुटेज एकत्रित की है। एक-एक कर इन फुटेज को खंगाला जा रहा है। कुछ फुटेज से पुलिस को बदमाशों की तस्वीरें मिली हैं लेकिन बिना नंबर की गाड़ी और चेहरे ढके होने के चलते बदमाश चिन्हित नहीं हो पाए हैं। दोनों बदमाश किस रास्ते से भागे हैं यह भी स्पष्ट नहीं हो पा रहा है। पुलिस ने संदीप का मोबाइल फोन कब्जे में लिया है। इसमें कुछ नंबरों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। व्हाट्सएप, टेक्स्ट मैसेज और अन्य इंटरनेट मीडिया खातों से भी पुलिस साक्ष्य एकत्रित करने के प्रयास में है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें LATEST मस्जिद में गाय की सुरक्षा के लिए उठे हाथ, राष्ट्रीय पशु घोषि स्क्रीन में कैद बालमन को आजाद कर संवार रहे बचपन, गोरखपुर CRC बदायूं: इस्लामनगर लूटकांड में तीन बदमाश पुलिस मुठभेड़ में गि कौन हैं डॉ. अर्चना गुप्ता? कैसी बनीं रेडियोलॉजिस्ट से हरियाण लखनऊ में बकरीद नमाज सकुशल समपन्न, ईदगाह ऐशबाग और टीलेवाली मस औद्योगिक गलियारा : छह गांवों का सर्वे पूरा, चार में चल रहा क सीएम धामी ने किया ‘सौर जागरूकता स्मारिका पुस्तिका’ का विमोचन पटना में फिर बढ़ी CNG की कीमत, ₹2 प्रति किलो महंगी; ऑटो-टैक् पहचान छिपाई, बंदूकें रखीं… 30 सालों से पुलिस को चकमा दे रह TATA Tiago Facelift लॉन्च: 4.69 लाख रुपए की कीमत में मिलेंगे मस्जिद में गाय की सुरक्षा के लिए उठे हाथ, राष्ट्रीय पशु घोषि स्क्रीन में कैद बालमन को आजाद कर संवार रहे बचपन, गोरखपुर CRC बदायूं: इस्लामनगर लूटकांड में तीन बदमाश पुलिस मुठभेड़ में गि कौन हैं डॉ. अर्चना गुप्ता? कैसी बनीं रेडियोलॉजिस्ट से हरियाण लखनऊ में बकरीद नमाज सकुशल समपन्न, ईदगाह ऐशबाग और टीलेवाली मस औद्योगिक गलियारा : छह गांवों का सर्वे पूरा, चार में चल रहा क सीएम धामी ने किया ‘सौर जागरूकता स्मारिका पुस्तिका’ का विमोचन पटना में फिर बढ़ी CNG की कीमत, ₹2 प्रति किलो महंगी; ऑटो-टैक् पहचान छिपाई, बंदूकें रखीं… 30 सालों से पुलिस को चकमा दे रह TATA Tiago Facelift लॉन्च: 4.69 लाख रुपए की कीमत में मिलेंगे इन रास्तों से भागने की संभावना रायबरेली रोड पर जिस जगह घटना हुई है उससे कुछ ही दूर आगे किसान पथ है। यहां से कानपुर रोड, शहीद पथ और सीतापुर आसानी से जाया जा सकता है। साथ ही रायबरेली भी उसी सड़क पर है। ऐसे में बदमाश किस तरफ भागे यह पता लगाना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती है।
लखनऊ के कल्ली पश्चिम में प्रॉपर्टी डीलर संदीप सिंह की गोली मारकर हत्या के मामले ने पुलिस की जांच को…
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बकरीद नमाज के लिए लखनऊ में ट्रैफिक प्लान जारी, कई रास्तों पर डायवर्जन और रोक
लखनऊ में बकरीद की नमाज को लेकर पुलिस कमिश्नरेट ने ट्रैफिक व्यवस्था का विशेष प्लान जारी किया है। 26 मई…
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ट्विशा के पति समर्थ को कोर्ट से राहत नहीं, 7 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया
ट्विशा शर्मा केस में आरोपी पति समर्थ सिंह को अदालत से फिलहाल कोई राहत नहीं मिली है। सुनवाई के बाद…
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