17 साल बाद बांग्लादेश लौटे तारिक रहमान, टूटी ‘सबसे बड़ी कसम’; जानिए क्या है पूरा मामला
बांग्लादेश की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के वरिष्ठ नेता तारिक रहमान 17 साल के लंबे निर्वासन के बाद ढाका लौट आए हैं। उनकी वापसी को देश की राजनीति में अहम मोड़ माना जा रहा है।
तारिक रहमान वर्ष 2007 में बांग्लादेश छोड़कर लंदन चले गए थे, जब देश में आपातकाल लागू था और भ्रष्टाचार समेत कई मामलों में उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू हुई थी। उस समय उन्होंने सार्वजनिक रूप से यह कहा था कि जब तक बांग्लादेश की राजनीति में हालात नहीं बदलते, तब तक वह देश नहीं लौटेंगे। इसी बयान को उनकी “सबसे बड़ी कसम” के रूप में देखा जाता रहा।
बीते वर्षों में तारिक रहमान लंदन से ही BNP की रणनीति और संगठनात्मक फैसलों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे। उनकी अनुपस्थिति के बावजूद पार्टी में उनका प्रभाव बना रहा। हाल के राजनीतिक बदलावों और समीकरणों के बीच अब उनकी ढाका वापसी को BNP के लिए नई सियासी ऊर्जा के रूप में देखा जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि तारिक रहमान की वापसी से शेख हसीना की अगुवाई वाली अवामी लीग और विपक्षी BNP के बीच सियासी टकराव और तेज हो सकता है। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि उनकी वापसी बांग्लादेश की राजनीति को किस दिशा में ले जाती है।

