निकिता गोडिशाला की देह अमेरिका से भारत लाने की प्रक्रिया तेज, केंद्रीय मंत्री किशन रेड्डी ने दी जानकारी
केंद्रीय मंत्री किशन रेड्डी ने बताया कि अमेरिका में हत्या की शिकार निकिता गोडिशाला की पार्थिव देह 7 या 8 जनवरी तक भारत लायी जाएगी। सभी कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं और सरकार परिवार को हर संभव मदद और समर्थन प्रदान कर रही है।

हाल ही में अमेरिका के मैरीलैंड स्थित कोलंबिया में हत्या की शिकार हुई हैदराबाद की निकिता गोडिशाला की पार्थिव देह जल्द ही भारत लायी जाएगी। केंद्रीय कोयला मंत्री जी. किशन रेड्डी ने कहा कि सभी कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं और निकिता की देह 7 या 8 जनवरी 2026 तक भारत पहुँच जाएगी। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म “एक्स” पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि अमेरिकी अधिकारियों और भारतीय दूतावास के माध्यम से आवश्यक नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) प्राप्त कर लिया गया है, जिससे देह को भारत लाने में कोई बाधा नहीं है।
निकिता गोडिशाला, उम्र 27 वर्ष, 2 जनवरी को लापता हुई थीं और बाद में उनके अपार्टमेंट में चाकू के घावों से मृत पाया गया। हॉवर्ड काउंटी पुलिस ने बताया कि हत्या की मुख्य संदेही उनके पूर्व रूम‑मेट अर्जुन शर्मा (26) हैं। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पहले और दूसरे दर्जे की हत्या का गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। परिवार ने घटना के बाद कहा कि वे चाहते हैं कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर कड़ी सजा दी जाए।
केंद्रीय मंत्री किशन रेड्डी ने बताया कि विदेश राज्य मंत्री एस. जयशंकर के साथ समन्वय करके यह प्रक्रिया पूरी की गई है। उन्होंने कहा कि सरकार निकिता के परिवार के साथ हर संभव मदद और समर्थन प्रदान कर रही है। रेड्डी ने कहा कि भारत सरकार इस मामले में पूरी गंभीरता से कार्य कर रही है और अमेरिका के साथ सहयोग में देह की सुरक्षित और तेज वापसी सुनिश्चित कर रही है।
निकिता की देह लाने की प्रक्रिया में अमेरिकी प्रशासन और भारतीय दूतावास के अलावा विदेश मंत्रालय और स्थानीय प्रशासन भी शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि देह की सुरक्षा के लिए विशेष फ्लाइट और कूलिंग व्यवस्था सुनिश्चित की गई है ताकि परिवार को किसी प्रकार की परेशानी न हो। निकिता के परिवार के सदस्यों ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्हें अंतिम संस्कार के लिए समय पर पार्थिव देह मिलने की उम्मीद है और वे चाहेंगे कि पूरे परिवार के सदस्य और करीबी लोग अंतिम दर्शन कर सकें।
इस मामले ने सोशल मीडिया और मीडिया में व्यापक ध्यान आकर्षित किया है। लोगों ने सरकार और अधिकारियों के तेज निर्णय और पारदर्शी प्रक्रिया की सराहना की है। वहीं, अमेरिकी पुलिस की जांच भी जारी है और हॉवर्ड काउंटी पुलिस ने कहा है कि आरोपी की गिरफ्तारी और न्याय सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
निकिता गोडिशाला का मामला न केवल भारत में बल्कि अमेरिका में भी चर्चा का विषय बन गया है। केंद्रीय मंत्री किशन रेड्डी ने आश्वस्त किया कि सभी औपचारिकताएँ पूरी होने के बाद निकिता की पार्थिव देह जल्द ही भारत लौट जाएगी, जिससे परिवार को न्याय और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी करने का अवसर मिलेगा। इस घटना ने यह भी रेखांकित किया कि विदेश में किसी भी भारतीय नागरिक की सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करने के लिए सरकार सक्रिय रूप से कदम उठा रही है।




