वेनेजुएला में तेल निवेश पर ट्रंप का सख्त रुख, एक्सॉनमोबिल को बाहर रखने के संकेत
कंपनी के सीईओ के बयान से नाराज अमेरिकी राष्ट्रपति, बोले– “जरूरत से ज्यादा चालाकी दिखा रही है एक्सॉन”

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला में तेल निवेश को लेकर बड़ा और सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने संकेत दिए हैं कि भविष्य की रणनीति में एक्सॉनमोबिल को इस प्रक्रिया से बाहर रखा जा सकता है। ट्रंप की यह नाराजगी उस बयान के बाद सामने आई, जिसमें कंपनी के सीईओ ने वेनेजुएला की मौजूदा कानूनी और व्यावसायिक व्यवस्था को निवेश के लिए अनुपयुक्त बताया था।
व्हाइट हाउस में तेल और गैस कंपनियों के प्रमुखों के साथ हुई बैठक के बाद ट्रंप ने एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि उन्हें एक्सॉनमोबिल का जवाब पसंद नहीं आया। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के पास कई ऐसी कंपनियां हैं जो वेनेजुएला में निवेश करने को तैयार हैं, ऐसे में एक्सॉन को बाहर रखने का विकल्प भी खुला है। उन्होंने यह भी कहा कि कंपनी “जरूरत से ज्यादा चालाकी” दिखा रही है।
दरअसल, यह बैठक वेनेजुएला में सत्ता परिवर्तन के बाद वहां के विशाल तेल भंडारों को लेकर भविष्य की रणनीति पर चर्चा के लिए बुलाई गई थी। बैठक में एक्सॉनमोबिल के सीईओ डैरेन वुड्स ने स्पष्ट किया कि मौजूदा हालात में वेनेजुएला निवेश के लिए सुरक्षित नहीं है। उनके मुताबिक, वहां के हाइड्रोकार्बन कानून, निवेश सुरक्षा और कानूनी ढांचे में बड़े सुधार की जरूरत है।
हालांकि, वुड्स ने यह भी कहा कि यदि ट्रंप प्रशासन और वेनेजुएला सरकार मिलकर आवश्यक सुधार लागू करते हैं, तो हालात बदल सकते हैं। उन्होंने संकेत दिया कि कंपनी तकनीकी टीम भेजकर परिसंपत्तियों और उद्योग की स्थिति का आकलन कर सकती है, बशर्ते सरकार से अनुमति और सुरक्षा की गारंटी मिले।
रिपोर्ट के अनुसार, बैठक में मौजूद अन्य तेल कंपनियों ने भी सुरक्षा, वित्तीय और कानूनी जोखिमों को लेकर चिंता जताई। विशेषज्ञों का मानना है कि वेनेजुएला में तेल उत्पादन को दोबारा गति देने में कई साल लग सकते हैं और इसके लिए ठोस नीतिगत सुधार जरूरी होंगे।
यह पूरा घटनाक्रम अमेरिका की ऊर्जा नीति, वैश्विक तेल बाजार और लैटिन अमेरिका में बदलते भू-राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।





