होर्मुज संकट पर ट्रंप की चेतावनी, सहयोग न मिला तो नाटो का भविष्य खतरे में
पश्चिम एशिया तनाव के बीच सहयोगी देशों के समर्थन न मिलने से नाराज ट्रंप, होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा पर उठाए सवाल

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में पैदा हुए संकट ने वैश्विक राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। इसी बीच डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सहयोगी देशों को सख्त संदेश देते हुए कहा है कि अगर होर्मुज संकट में मदद नहीं मिली तो नाटो का भविष्य अच्छा नहीं रहेगा।
एक इंटरव्यू के दौरान ट्रंप ने कहा कि जिन देशों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले तेल व्यापार का लाभ मिलता है, उन्हें इसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी भी उठानी चाहिए। उन्होंने कहा कि अमेरिका हमेशा अपने सहयोगियों के साथ खड़ा रहा है, लेकिन अब यह देखना होगा कि संकट की घड़ी में कौन अमेरिका का साथ देता है।
दरअसल, पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति बेहद संवेदनशील हो गई है। यह दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल व्यापार का बड़ा हिस्सा गुजरता है। इस इलाके में तनाव बढ़ने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल आपूर्ति पर दबाव भी बढ़ गया है।
ट्रंप ने कई देशों से अपील की है कि वे अपने युद्धपोत तैनात कर इस जलमार्ग को सुरक्षित रखने में सहयोग करें। हालांकि अमेरिका के करीबी सहयोगी देशों जैसे ऑस्ट्रेलिया और जापान ने फिलहाल अपने नौसैनिक जहाज भेजने से इनकार कर दिया है। इससे अमेरिका की कूटनीतिक कोशिशों को झटका लगा है।
इस बीच ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते टकराव ने हालात को और जटिल बना दिया है। ईरान की ओर से लगातार हमले किए जाने और क्षेत्रीय अस्थिरता बढ़ने के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में चिंता बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि होर्मुज संकट जल्द नहीं सुलझा तो इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।


