उत्तराखंड में मौसम का कहर: दरकते पहाड़, ठप हुई चारधाम यात्रा मार्ग
भारी बारिश और बर्फबारी के बाद भूस्खलन का खतरा बढ़ा, बदरीनाथ-गंगोत्री-यमुनोत्री हाईवे कई जगह बाधित

उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बारिश और बर्फबारी ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। चमोली जिले के ज्योतिर्मठ क्षेत्र में पहाड़ दरकने लगे हैं, जिससे भूस्खलन का खतरा काफी बढ़ गया है। वहीं, बदरीनाथ धाम बर्फ की मोटी चादर से ढक गया है, जहां तापमान माइनस चार डिग्री तक पहुंच गया।
बारिश और बर्फबारी के चलते बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री हाईवे कई स्थानों पर बंद हो गए हैं। गोविंद घाट के पास पिनोला में भारी बोल्डर गिरने से बदरीनाथ हाईवे पूरी तरह बाधित है। वहीं नीति-मलारी राष्ट्रीय राजमार्ग भी सालधर क्षेत्र में भूस्खलन के कारण बंद हो गया है। गंगोत्री और यमुनोत्री हाईवे पर भी मलबा और बर्फ जमने से आवाजाही प्रभावित हुई है।
हालात को देखते हुए बीआरओ और एनएच की टीमें सड़कों को खोलने में जुटी हुई हैं, लेकिन लगातार खराब मौसम के कारण काम में दिक्कतें आ रही हैं। बर्फबारी के कारण बदरीनाथ धाम में चल रहे मास्टर प्लान के कार्य भी ठप पड़ गए हैं। प्रशासन ने एहतियातन श्रमिकों को सुरक्षित स्थानों पर भेजने के निर्देश दिए हैं, हालांकि रास्ते बंद होने से उन्हें बीच रास्ते से ही लौटना पड़ा।
इसके अलावा, बदरीनाथ में लगभग दो फीट और हेमकुंड साहिब में तीन फीट तक ताजा बर्फ जम चुकी है। नीती और माणा घाटी के गांवों में भी भारी बर्फबारी दर्ज की गई है। ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फ और निचले क्षेत्रों में बारिश के चलते तापमान में भारी गिरावट आई है, जिससे ठंड बढ़ गई है और लोग घरों में रहने को मजबूर हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, मौसम में इस तरह की अस्थिरता जलवायु परिवर्तन का संकेत भी हो सकती है, जिससे भविष्य में ऐसी घटनाओं की आवृत्ति बढ़ सकती है। फिलहाल प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और यात्रियों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की गई है।



