यूपी चुनाव 2027: मिशन मोड में भाजपा, 133 विधानसभा सीटों की तैयारियां परखेंगे बीएल संतोष और विनोद तावड़े

वाराणसी में 14-15 अक्तूबर को दो दिवसीय कार्यशाला, 266 प्रभारी और विस्तारक होंगे शामिल; बूथ प्रबंधन, मतदाता संपर्क और संगठन की मजबूती पर होगा मंथन

उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने संगठनात्मक तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में 14 और 15 अक्तूबर को वाराणसी में काशी और गोरखपुर क्षेत्र के विधानसभा प्रभारियों और विस्तारकों की संयुक्त प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की जाएगी। इसमें दोनों क्षेत्रों की 133 विधानसभा सीटों के कुल 266 प्रभारी और विस्तारक शामिल होंगे।

कार्यशाला में भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष, राष्ट्रीय महामंत्री एवं उत्तर प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े और प्रदेश संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह के मार्गदर्शन में चुनावी तैयारियों की समीक्षा की जाएगी। बैठक में संगठन की जमीनी सक्रियता बढ़ाने, बूथ प्रबंधन मजबूत करने और मतदाताओं से नियमित संपर्क बनाए रखने जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी।

काशी और गोरखपुर क्षेत्र की सीटों पर फोकस

प्रशिक्षण कार्यशाला में काशी क्षेत्र की 71 विधानसभा सीटों के 142 प्रभारी और विस्तारक हिस्सा लेंगे। वहीं, गोरखपुर क्षेत्र की 62 सीटों के 124 पदाधिकारियों को बुलाया गया है। इस तरह दोनों क्षेत्रों की सभी 133 विधानसभा सीटों की संगठनात्मक तैयारियों पर चर्चा की जाएगी।

पार्टी का उद्देश्य विधानसभा स्तर पर संगठन के कामकाज का आकलन करना और अलग-अलग स्तरों के पदाधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है। इसके जरिए केंद्रीय नेतृत्व की रणनीति को स्थानीय स्तर तक पहुंचाने और चुनाव से पहले संगठन की तैयारियों को व्यवस्थित करने पर जोर रहेगा।

बूथ प्रबंधन और मतदाता संपर्क पर चर्चा

दो दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग में बूथ समितियों की सक्रियता, पन्ना प्रमुखों की भूमिका, मतदाता संपर्क और विधानसभा स्तर पर पदाधिकारियों की जिम्मेदारियों जैसे विषयों पर चर्चा होने की संभावना है। इसके साथ ही संगठन की कमजोर कड़ियों की पहचान कर उनमें सुधार के उपायों पर भी मंथन किया जाएगा।

भाजपा की कोशिश है कि बूथ स्तर से लेकर विधानसभा स्तर तक कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारियां स्पष्ट हों और मतदाताओं तक पहुंच बनाने का काम नियमित रूप से किया जाए। प्रशिक्षण के माध्यम से क्षेत्रवार चुनौतियों और संगठन की प्राथमिकताओं को लेकर एकरूपता लाने पर भी ध्यान दिया जाएगा।

दो दिन में छह सत्र होंगे प्रस्तावित

जानकारी के अनुसार, कार्यशाला में दो दिनों के दौरान छह सत्र प्रस्तावित हैं। इन सत्रों में वरिष्ठ संगठनात्मक नेता पदाधिकारियों को संगठन की कार्यपद्धति, जिम्मेदारियों और आगामी चुनाव की तैयारियों से जुड़े विषयों पर मार्गदर्शन देंगे। कार्यशाला का समापन 15 अक्तूबर को होगा।

मतदाता सूची के पुनरीक्षण पर भी रह सकती है नजर

भाजपा की हालिया संगठनात्मक गतिविधियों में बूथ प्रबंधन और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़े काम भी चर्चा में रहे हैं। दो अक्तूबर को हुई संगठनात्मक समीक्षा में बूथ समितियों की सक्रियता, पन्ना प्रमुखों की भूमिका और मतदाताओं से संपर्क जैसे मुद्दों पर ध्यान दिया गया था।

ऐसे में वाराणसी में होने वाली इस कार्यशाला में मतदाता सूची से जुड़े कार्यों, बूथों की स्थिति और कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारियों पर भी चर्चा होने की संभावना है। आगामी विधानसभा चुनाव से पहले यह प्रशिक्षण वर्ग भाजपा की संगठनात्मक तैयारियों की समीक्षा और उन्हें विधानसभा स्तर तक व्यवस्थित करने की कवायद का हिस्सा है।

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