यूपी में आईबीपीएस परीक्षा को लेकर मुख्य सचिव के निर्देश, 62,815 अभ्यर्थी होंगे शामिल

14, 16, 22 और 26 अक्टूबर को 12 जिलों के 44 केंद्रों पर ऑनलाइन परीक्षा, सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखने के निर्देश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आईबीपीएस के माध्यम से आयोजित होने वाली ऑनलाइन परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराने के लिए मुख्य सचिव एसपी गोयल ने अधिकारियों को आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। परीक्षा 14, 16, 22 और 26 अक्टूबर को प्रदेश के 12 जिलों में बनाए गए 44 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित होगी। इसमें कुल 62,815 अभ्यर्थी शामिल होंगे।

मुख्य सचिव ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों के साथ हुई साप्ताहिक समीक्षा बैठक में परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि परीक्षा के दौरान सभी व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो। परीक्षा केंद्रों पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट और सेक्टर मजिस्ट्रेट सक्रिय रूप से निगरानी करेंगे।

परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस और महिला पुलिस बल की तैनाती के निर्देश भी दिए गए हैं। इसके साथ ही कंप्यूटर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के सुचारु संचालन के लिए आवश्यक व्यवस्था तथा पावर बैकअप सुनिश्चित करने को कहा गया है। परीक्षा की गोपनीयता और शुचिता बनाए रखने के लिए प्रशासन को सभी जरूरी सुरक्षा इंतजाम करने होंगे।

मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि वैध प्रवेश पत्र और पहचान पत्र के बिना किसी भी अभ्यर्थी को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। केंद्र के भीतर मोबाइल फोन अथवा किसी अन्य अनधिकृत इलेक्ट्रॉनिक उपकरण को ले जाने की अनुमति नहीं होगी। अधिकारियों को परीक्षा से पहले सभी केंद्रों पर व्यवस्थाओं का परीक्षण करने और निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

आईबीपीएस की आधिकारिक वेबसाइट पर भी वर्ष 2026 की विभिन्न भर्ती परीक्षाओं से संबंधित सूचनाएं और प्रवेश पत्र उपलब्ध कराए जा रहे हैं। अभ्यर्थियों को परीक्षा से जुड़ी नवीनतम जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट देखते रहने की सलाह दी गई है।

मुख्य सचिव ने अधिकारियों से कहा कि परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों को किसी तरह की असुविधा न हो और पूरी प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार संपन्न कराई जाए। प्रशासनिक स्तर पर परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा, निगरानी और तकनीकी व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है।

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