भारत-कनाडा संबंध सुधरने से पंजाबियों को उम्मीद, बढ़ सकता है पीआर का मौका
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद की मुलाकात से सहयोग की नई राहें खुलने के संकेत; अगले साल स्थायी निवास का लक्ष्य चार लाख पार होने की संभावना, फिलहाल कोई नई आधिकारिक घोषणा नहीं
जालंधर। भारत और कनाडा के बीच संबंधों में सुधार की कोशिशों से कनाडा में स्थायी निवास (पीआर) पाने की प्रतीक्षा कर रहे पंजाब और हरियाणा के युवाओं को उम्मीद जगी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद की मुलाकात को दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
कनाडा सरकार ने 2026 से 2028 तक हर साल तीन लाख 80 हजार स्थायी निवासियों को अनुमति देने का लक्ष्य रखा है। अगले वर्ष यह संख्या चार लाख पार करने की संभावना जताई जा रही है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
दोनों देश व्यापार, शिक्षा, ऊर्जा, तकनीक और लोगों के आपसी संपर्क मजबूत करने पर जोर दे रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, युवाओं को भाषा दक्षता, शैक्षणिक योग्यता और कार्य अनुभव बेहतर करना चाहिए। संबंध सुधरने के बावजूद पीआर मिलने की गारंटी नहीं है। आवेदकों को कनाडा सरकार की आधिकारिक घोषणाओं पर नजर रखनी चाहिए।
