हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल से हाहाकार, अनिल विज बोले- निजीकरण का फैसला रद्द करेंगे
चंडीगढ़ में दोपहर 3 बजे होगी सरकार और कर्मचारी संगठनों की बैठक, बिजली संकट से उद्योग, अस्पताल, स्कूल और आम जनजीवन प्रभावित
हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की तीन दिवसीय हड़ताल से प्रदेशभर में बिजली संकट गहरा गया है। गुरुग्राम और नूंह में निजी कंपनी इलेवन पावर को बिजली आपूर्ति का लाइसेंस देने के विरोध में कर्मचारी हड़ताल पर हैं। बिजली मंत्री अनिल विज ने कर्मचारियों से काम पर लौटने की अपील करते हुए कहा कि सरकार बातचीत के लिए तैयार है और सभी विकल्पों पर विचार किया जाएगा।
शुक्रवार को दोपहर 3 बजे चंडीगढ़ में सरकार और कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों के बीच बैठक प्रस्तावित है। हड़ताल के कारण कई जिलों में बिजली आपूर्ति बाधित हुई है। अस्पतालों में मरीजों को परेशानी हुई, करनाल में पांच स्कूल बंद करने पड़े और औद्योगिक इकाइयों में उत्पादन प्रभावित हुआ। गुरुग्राम के उद्यमियों ने कारोबार पर 1,500 करोड़ रुपये से अधिक के असर का दावा किया है। अब सबकी नजर बैठक के नतीजों और बिजली आपूर्ति बहाली पर है। असर का दावा किया है।




