इंडिगो संकट: सरकार ने संसद में दी जवाबदेही की गारंटी, हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं

इंडिगो एयरलाइन के परिचालन संकट पर सरकार ने संसद में अपना पक्ष रखा और एयरलाइन के खिलाफ कड़ी जवाबदेही की बात कही। सरकार ने आश्वासन दिया कि हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं।

लोकसभा में बोलते हुए केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राम मोहन नायडू ने कहा, “जवाबदेही तय की जाएगी और कोई भी एयरलाइन, चाहे वह कितनी भी बड़ी क्यों न हो, यात्रियों की परेशानियों के लिए जिम्मेदार ठहराई जाएगी।” उन्होंने बताया कि डीजीसीए ने इंडिगो को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है और जवाब मिलने के बाद कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

मंत्री ने कहा कि परिचालन तेजी से स्थिर हो रहा है, सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जा रहा है और दीर्घकालिक सुधारों पर काम जारी है ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने।

“सरकार यात्रियों की परेशानियों को गंभीरता से ले रही है और ऐसे कदम उठाए जा रहे हैं जिससे भविष्य में यह स्थिति नहीं आए। भारत के उड्डयन क्षेत्र को अधिक यात्री-केंद्रित बनाने के लिए दीर्घकालिक उपाय लागू किए जा रहे हैं,” नायडू ने कहा।

यात्री अब भी प्रभावित
इंडिगो के परिचालन संकट के चलते देश के कई हवाई अड्डों पर 200 से अधिक उड़ानें रद्द या देरी का शिकार रही हैं। यात्रियों को बैगेज और उड़ान संबंधी जानकारी की कमी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा।

इंडिगो का पक्ष
सोमवार को इंडिगो ने परिचालन स्थिर होने का दावा किया। एयरलाइन ने बताया कि उसने अपने नेटवर्क में 1,800 से अधिक उड़ानें संचालित की हैं और सभी स्टेशनों पर सेवाएं बहाल कर दी गई हैं। एयरलाइन का कहना है कि उसका ऑन-टाइम परफॉर्मेंस (OTP) 91% तक पहुंच गया है, जो पिछले सप्ताह के व्यवधानों से उबरने का संकेत है।

इंडिगो ने कहा कि उड़ानों को अनुकूलित किया गया है ताकि रद्दीकरण कम से कम हो और रद्द की गई उड़ानों के लिए यात्रियों को पहले से सूचना दे दी गई। बीते सप्ताह प्रतिदिन लगभग 1,650 उड़ानें संचालित हो रही थीं, जो अब बढ़कर 1,800 से अधिक हो गई हैं।

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