अरावली, ‘जी राम‑जी’ कानून और कांग्रेस की रणनीति: CWC बैठक में सियासी मंथन

सोनिया गांधी, राहुल गांधी और शशि थरूर की मौजूदगी में कांग्रेस Working Committee ने VB‑G RAM G कानून के खिलाफ विपक्षी रणनीति पर किया विचार

नई दिल्ली: कांग्रेस पार्टी की सर्वोच्च निर्णय‑निर्माण संस्था, कांग्रेस कार्यसमिति (CWC), 27 दिसंबर 2025 को एक अहम बैठक के लिए राजधानी में एकत्रित हुई, जिसमें प्रमुख राष्ट्रीय मुद्दों के साथ‑साथ VB‑G RAM G कानून और MGNREGA के नाम परिवर्तन को लेकर विपक्षी रणनीति पर विस्तृत मंथन किया गया। बैठक में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, शशि थरूर और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

बैठक की केंद्रीय चर्चा का विषय केंद्र सरकार द्वारा पारित Viksit Bharat–Guarantee for Rozgar and Ajeevika Mission (Gramin) या VB‑G RAM G एक्ट था, जिसने लंबे समय से लागू MGNREGA कानून को बदल दिया है। कांग्रेस इसे जनविरोधी बदलाव और MGNREGA की विरासत पर हमला मानती है, जिसके खिलाफ राष्ट्रीय स्तर पर agitation और आंदोलन की रणनीति तैयार की जा रही है।

VB‑G RAM G कानून: बदलाव और विवाद
इस नए कानून के तहत ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम में कई संरचनात्मक बदलाव किए गए हैं। अब MGNREGA की जगह यह नया कानून लागू है, जो प्रति ग्रामीण परिवार 125 दिनों की मजदूरी रोजगार गारंटी देता है, लेकिन साथ ही केंद्र और राज्यों के बीच 60:40 वित्तीय साझेदारी लागू करता है, जिससे राज्यों पर वित्तीय भार बढ़ता है। केंद्र सरकार इसे ग्रामीण विकास के एक आधुनिक ढांचे के रूप में पेश कर रही है, जबकि विपक्ष इसे अधिकार‑आधारित कानून का क्षरण मान रहा है।

कांग्रेस नेताओं का तर्क है कि VB‑G RAM G एक्ट मूल रूप से वर्ष 2005 के MGNREGA की हमेशा लागू होने वाली मांग‑आधारित रोजगार गारंटी को कमजोर करता है और इसे केंद्र‑नियंत्रित, बजट‑आधारित व्यवस्था में बदल देता है, जिससे ग्रामीण श्रमिकों की वास्तविक रोजगार सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।

CWC में विपक्षी रणनीति और चुनावी स्वरूप
बैठक में कांग्रेस कार्यसमिति ने VB‑G RAM G कानून के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन, पदयात्राएँ, जनसभाएँ और ग्रामीण समर्थन जुटाने जैसे कदमों पर विचार किया। पार्टी अगले साल होने वाले कई राज्यों के विधानसभा चुनावों (जैसे असम, तमिलनाडु, केरल, पश्चिम बंगाल आदि) में इस मुद्दे को प्रमुख रूप से उठाने की रणनीति बना रही है।

कांग्रेस नेताओं की मंशा है कि MGNREGA के मूल सिद्धांत को बचाने के लिए व्यापक जनाधार बनाया जाए और पार्टी के ग्रामीण तथा मजदूर वर्ग समर्थन को मजबूत किया जाए। बैठक में शशि थरूर की उपस्थिति पर भी खास ध्यान गया, क्योंकि वे पिछले कुछ समय से पार्टी की उच्च स्तरीय बैठकों में सक्रिय नहीं दिखे थे।

राजनीतिक और सामाजिक परिदृश्य पर असर
VB‑G RAM G कानून के लागू होने के बाद से विपक्षी और सामाजिक कार्यकर्ताओं की नाराज़गी बढ़ी है। पंजाब विधानसभा सहित कई राज्य सरकारें इस मुद्दे पर बहस कर रही हैं और विरोध प्रदर्शन भी तेज हुए हैं। यह विवाद ग्रामीण नीति और रोजगार सुनिश्चितता का एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन चुका है।

कांग्रेस कार्यसमिति की यह बैठक न केवल कानून के खिलाफ रणनीति तय करने की दिशा में महत्वपूर्ण दिखाई देती है, बल्कि पार्टी की आगामी राजनीतिक अभियानों को भी नया आयाम दे सकती है।

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