मथुरा हिंसा: बाबा चंद्रशेखर की मौत के बाद दिल्ली-आगरा हाइवे पर पत्थरबाजी और दहशत

बाबा चंद्रशेखर की अचानक मौत के बाद मथुरा में हिंसा भड़क उठी, स्थानीय लोगों ने हाइवे को जाम किया, वाहन और पुलिस पर पत्थरबाजी की, सुरक्षा बल तैनात किए गए।

21 मार्च 2026 को उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में हिंसा और अशांति फैल गई। यह सभी घटनाएँ दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुईं, जब प्रसिद्ध गौ रक्षक बाबा चंद्रशेखर (फरसा वाले बाबा) की मौत की खबर फैली। उनकी मृत्यु के बाद समर्थकों और स्थानीय लोगों ने हाइवे को ब्लॉक कर दिया, वाहनों पर पत्थरबाजी की और पुलिस से टकराव किया। इस घटना ने क्षेत्र में अफरातफरी और डर पैदा कर दिया।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बाबा चंद्रशेखर की मृत्यु तब हुई जब वे एक ट्रक के साथ टकराव में घायल हुए। स्थानीय लोगों ने यह दावा किया कि उनका पीछा करते समय यह हादसा हुआ और कुछ समर्थकों ने इसे जानबूझकर किया गया प्रयास बताया।

मृत्यु की खबर मिलते ही बाबा के समर्थक और ग्रामीण छटा के पास हाइवे को जाम कर दिया। भीड़ ने वाहनों को रोका, शीशे तोड़े और पुलिस पर पत्थर फेंके। इससे दिल्ली-आगरा मार्ग पर यातायात बाधित हो गया और आम नागरिकों में डर फैल गया।

पुलिस ने स्थिति को काबू में करने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस का प्रयोग किया। इस दौरान कई पुलिसकर्मी और नागरिक घायल हुए। कई वाहन क्षतिग्रस्त हुए और हाइवे कई घंटों तक बंद रहा।

जिला पुलिस अधीक्षक और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने कहा कि यह हादसा ट्रक के टकराने से हुआ प्रतीत होता है और पूरी जांच की जा रही है। कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पत्थरबाजी और हाइवे जाम करने वालों के खिलाफ कड़ा कार्रवाई की जाएगी। राजनीतिक नेता भी इस मामले पर टिप्पणी कर रहे हैं और पारदर्शी जांच की मांग कर रहे हैं।  स्थानीय लोगों ने घटनास्थल पर भयावह स्थिति बताई। कई वाहनों के शीशे टूट गए और यात्री डर के मारे हाइवे पर फंसे रहे।  दोपहर तक पुलिस की अतिरिक्त टुकड़ियों ने हाइवे को खोलने में मदद की। अधिकारियों ने आसपास गश्त बढ़ाई और जनता से कानून हाथ में न लेने की अपील की।

इस घटना ने फिर से उत्तर प्रदेश में गौ रक्षा और चौकसी समूहों से जुड़ी संवेदनशीलता को उजागर किया। ऐसे मामलों में अक्सर विवाद बढ़ता है और हिंसा फैल जाती है।

जांच जारी है और अधिकारियों से उम्मीद है कि जल्द ही बाबा चंद्रशेखर की मौत और हिंसा की पूरी जानकारी सामने आएगी। स्थानीय लोग और राजनीतिक विशेषज्ञ स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।

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