AIADMK के बागी गुट से मिले CM विजय, फ्लोर टेस्ट से पहले 30 विधायकों के समर्थन का दावा—तमिलनाडु में सियासी हलचल तेज
फ्लोर टेस्ट से पहले बड़ा सियासी दांव, AIADMK में फूट गहराई—बागी गुट ने TVK सरकार को समर्थन देने का किया ऐलान, सत्ता समीकरण बदलने के संकेत
तमिलनाडु की राजनीति में फ्लोर टेस्ट से ठीक पहले बड़ा सियासी घटनाक्रम सामने आया है। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने AIADMK के बागी गुट के नेताओं से मुलाकात कर राजनीतिक समीकरणों को पूरी तरह बदल दिया है। इस मुलाकात के बाद दावा किया जा रहा है कि करीब 30 अतिरिक्त विधायकों का समर्थन उनकी पार्टी TVK को मिल सकता है, जिससे विधानसभा में उनकी स्थिति और मजबूत हो जाएगी।
AIADMK में फूट और बागी गुट का समर्थन
सूत्रों के अनुसार, AIADMK के वरिष्ठ नेता सी. वी. षणमुगम और एस. पी. वेलुमणि के नेतृत्व वाले एक गुट ने पार्टी नेतृत्व से अलग रुख अपनाते हुए TVK सरकार को समर्थन देने की घोषणा की है। यह समर्थन ऐसे समय में आया है जब राज्य में फ्लोर टेस्ट बेहद निर्णायक माना जा रहा है।
इस फैसले ने AIADMK के भीतर लंबे समय से चल रही अंदरूनी खींचतान को और उजागर कर दिया है।
फ्लोर टेस्ट से पहले नंबर गेम तेज
तमिलनाडु विधानसभा में बहुमत साबित करने की प्रक्रिया से पहले हर पार्टी अपने-अपने विधायकों को एकजुट करने में जुटी है। TVK पहले ही कांग्रेस और कुछ छोटे दलों के समर्थन से सरकार बनाने की कोशिश में है, लेकिन बहुमत से कुछ सीटें कम पड़ रही थीं।
इसी बीच AIADMK के बागी गुट का समर्थन मिलने से यह अंतर काफी हद तक कम होता दिख रहा है। कई राजनीतिक विश्लेषक इसे “गेम चेंजर” मान रहे हैं।
30 विधायकों का समर्थन क्यों अहम?
राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि अगर यह 30 विधायकों का समर्थन वास्तव में TVK को मिलता है, तो फ्लोर टेस्ट का पूरा समीकरण बदल सकता है।
इससे न सिर्फ सरकार को स्थिरता मिलेगी बल्कि विपक्षी खेमे की रणनीति भी कमजोर पड़ जाएगी।
AIADMK के लिए बड़ा झटका
इस घटनाक्रम ने AIADMK को बड़े संकट में डाल दिया है। पार्टी पहले से ही चुनावी हार और नेतृत्व संकट से जूझ रही थी, और अब बागी गुट का अलग रुख उसकी एकता पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह स्थिति पार्टी के भविष्य और विपक्षी राजनीति दोनों के लिए निर्णायक साबित हो सकती है।
TVK की रणनीति और आगे की राह
मुख्यमंत्री विजय और उनकी पार्टी TVK लगातार अन्य दलों और निर्दलीय विधायकों से समर्थन जुटाने में लगी है। कांग्रेस और कुछ वाम दल पहले ही समर्थन दे चुके हैं, लेकिन बहुमत सुनिश्चित करना अभी भी सबसे बड़ी चुनौती है।
फ्लोर टेस्ट के नतीजे आने वाले दिनों में तमिलनाडु की राजनीति की दिशा तय कर सकते हैं।
निष्कर्ष
फ्लोर टेस्ट से ठीक पहले AIADMK में बगावत और बागी गुट का TVK को समर्थन तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा मोड़ माना जा रहा है। अब पूरा ध्यान इस बात पर है कि विधानसभा में अंतिम नंबर गेम किसके पक्ष में जाता है और क्या मुख्यमंत्री विजय अपनी सरकार को आसानी से बचा पाते हैं या नहीं।




