दाऊद इब्राहिम के करीबी सलीम डोला पर ईडी का शिकंजा, मुंबई-गुजरात में 20 ठिकानों पर छापेमारी
मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत ईडी ने सलीम डोला से जुड़े नेटवर्क पर दबिश दी; एजेंसी को ड्रग तस्करी, हवाला और बेनामी संपत्तियों से जुड़ी कड़ियों की तलाश है।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने ड्रग तस्कर मोहम्मद सलीम डोला से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में बड़ा कदम उठाते हुए महाराष्ट्र और गुजरात में कई जगहों पर छापेमारी की है। अधिकारियों के मुताबिक, मुंबई, सूरत और गुजरात के भरूच जिले के अंकलेश्वर में करीब 20 ठिकानों पर तलाशी ली गई। ईडी ने यह कार्रवाई PMLA के तहत दर्ज केस के आधार पर की है।
सलीम डोला को एजेंसियां दाऊद इब्राहिम का करीबी सहयोगी मानती हैं। जांच एजेंसियों का आरोप है कि वह एक ट्रांस-नेशनल ड्रग तस्करी सिंडिकेट से जुड़ा था, जिसमें मेफेड्रोन (MD) की मैन्युफैक्चरिंग, सप्लाई, हवाला चैनल और बेनामी संपत्तियों का इस्तेमाल किया जाता था। ईडी का कहना है कि छापों का मकसद इसी नेटवर्क की वित्तीय कड़ियों को खंगालना है।
टाइम्स ऑफ इंडिया और एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, 59 वर्षीय सलीम डोला को अप्रैल 2026 में Türkiye से भारत लाया गया था और दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरते ही NCB ने उसे गिरफ्तार कर लिया था। एनडीटीवी के अनुसार, अदालत ने उसे मई की शुरुआत तक NCB हिरासत में भेजा था, जबकि जांच एजेंसियों ने उसके खिलाफ कई राज्यों से जुड़े ड्रग मामलों का हवाला दिया है।
ईडी को शक है कि इस नेटवर्क के जरिए न सिर्फ नशीले पदार्थों की सप्लाई होती थी, बल्कि उससे कमाई गई रकम को अलग-अलग माध्यमों से छिपाया भी जाता था। एजेंसी अब उन लोगों और कारोबारी कड़ियों की पहचान करने में लगी है, जो इस सिंडिकेट के वित्तीय ढांचे का हिस्सा हो सकते हैं।
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब सलीम डोला के खिलाफ जांच पहले से तेज है और उसे अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क का अहम चेहरा माना जा रहा है। अब ईडी की यह छापेमारी उस बड़े तंत्र तक पहुंचने की कोशिश है, जो अवैध ड्रग कारोबार और उससे जुड़े पैसों की आवाजाही को संभालता रहा हो सकता है।




