20 जुलाई को संसद मार्च का एलान, सोनम वांगचुक करेंगे अगुवाई

जंतर-मंतर से संसद तक शांतिपूर्ण मार्च की तैयारी, परीक्षा प्रणाली में सुधार और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग तेज

प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और धांधली के विरोध में जंतर-मंतर पर चल रहा आंदोलन अब निर्णायक चरण में पहुंचता दिखाई दे रहा है। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने घोषणा की है कि 20 जुलाई को संसद के मानसून सत्र के पहले दिन जंतर-मंतर से संसद भवन तक शांतिपूर्ण मार्च निकाला जाएगा। इस मार्च की अगुवाई जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक करेंगे। संगठन ने देशभर के छात्रों, अभिभावकों और नागरिकों से बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की है।

भारी बारिश के बावजूद जंतर-मंतर पर धरना लगातार 20वें दिन भी जारी रहा। भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक का वजन सात किलोग्राम से अधिक घटने की जानकारी सामने आई है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर भावुक संदेश जारी करते हुए लोगों से कहा कि यदि वे वास्तव में बदलाव चाहते हैं तो केवल सोशल मीडिया पर समर्थन जताने के बजाय 20 जुलाई को जंतर-मंतर पहुंचकर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन का हिस्सा बनें।

सीजेपी का कहना है कि आंदोलन का मुख्य उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करना, कथित धांधली पर सख्त कार्रवाई कराना और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाना है। संगठन का दावा है कि विपक्षी दलों के कई नेता भी इस आंदोलन के समर्थन में हैं। प्रदर्शनकारी इसे छात्रों के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था में भरोसा बहाल करने की लड़ाई बता रहे हैं।

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