मानसून बना उत्तर भारत की आफत
प्रयागराज में गंगा-यमुना के बढ़ते जलस्तर से बाढ़ का खतरा गहराया, हिमाचल और उत्तराखंड में भूस्खलन से जनजीवन प्रभावित।
उत्तर भारत में मानसूनी बारिश ने एक बार फिर मुश्किलें बढ़ा दी हैं। उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में बाढ़, भूस्खलन और मकान गिरने की घटनाएं सामने आ रही हैं। मैदानी क्षेत्रों में नदियों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का खतरा बढ़ गया है, जबकि पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन के कारण जान-माल का नुकसान हुआ है।
प्रयागराज में गंगा और यमुना नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। नदियों के उफान के कारण निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। कई स्थानों पर पानी पहुंचने से जनजीवन प्रभावित हुआ है। प्रशासन की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और संवेदनशील इलाकों में राहत एवं बचाव की तैयारियां की गई हैं।
हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के कारण कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ है। पहाड़ों से मलबा और चट्टानें गिरने के कारण सड़क मार्ग प्रभावित हुए हैं। कई क्षेत्रों में आवागमन बाधित होने के साथ लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम भी किया जा रहा है। बारिश से जुड़े हादसों में तीन लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है।
उत्तराखंड में भी बारिश और भूस्खलन ने परेशानी बढ़ाई है। पहाड़ी इलाकों में सड़कें बंद होने से यात्रियों और स्थानीय लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। यहां भी भूस्खलन से तीन लोगों की जान गई है।
लगातार बिगड़ते मौसम को देखते हुए प्रशासन और आपदा प्रबंधन दल सक्रिय हैं। राहत एवं बचाव कार्य जारी है। लोगों से नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की गई है। मौसम की स्थिति को देखते हुए आने वाले दिनों में भी सतर्कता जरूरी है।



