टनल हादसे में दो श्रमिक लापता
चमोली की पीपलकोटी-विष्णुगाड जल विद्युत परियोजना की सुरंग में भूस्खलन के बाद बचाव अभियान जारी, 12 श्रमिक सुरक्षित निकाले गए।
उत्तराखंड के चमोली जिले में पीपलकोटी-विष्णुगाड जल विद्युत परियोजना की टनल में हुए भूस्खलन के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। हादसे के बाद सुरंग में फंसे श्रमिकों को बाहर निकालने के लिए सुरक्षा एजेंसियों और बचाव दलों ने मोर्चा संभाल रखा है। फिलहाल दो श्रमिक अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, टनल में अचानक भूस्खलन होने से कुल 22 श्रमिक फंस गए थे। बचाव दल ने अभियान चलाकर अब तक 12 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। हालांकि, इस हादसे में आठ श्रमिकों की जान जा चुकी है। दो लापता श्रमिकों की तलाश के लिए अभियान को लगातार आगे बढ़ाया जा रहा है।
घटना के बाद सुरंग के भीतर मलबा हटाने और सुरक्षित रास्ता बनाने का काम किया जा रहा है। बचावकर्मी बेहद सावधानी के साथ अभियान चला रहे हैं, क्योंकि प्रभावित क्षेत्र में दोबारा मलबा खिसकने का खतरा बना हुआ है। राहत कार्य में लगी टीमें सुरंग के अंदर संभावित स्थानों पर लापता श्रमिकों की तलाश कर रही हैं।
हादसे की गंभीरता को देखते हुए बचाव अभियान में तकनीकी विशेषज्ञों की मदद भी ली जा रही है। सुरंग के भीतर की स्थिति का आकलन करने के बाद आगे की कार्रवाई की जा रही है।
परियोजना से जुड़े अधिकारियों और प्रशासन की ओर से बचाव अभियान की लगातार निगरानी की जा रही है। लापता श्रमिकों के परिवारों की नजर अब राहत और बचाव अभियान पर टिकी है। प्रशासन का कहना है कि लापता श्रमिकों की तलाश पूरी गंभीरता के साथ जारी है और अभियान में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती जा रही है।

