DGCA की बड़ी कार्रवाई: इंडिगो के चार फ्लाइट इंस्पेक्टर निलंबित, संकट पर CEO एल्बर्स दूसरी बार तलब
लगातार बढ़ते परिचालन संकट और बड़े पैमाने पर उड़ान रद्द होने के बीच DGCA ने जांच तेज की; इंडिगो यात्रियों के लिए अतिरिक्त मुआवजे की घोषणा भी जारी।

भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो इन दिनों अपने संचालन इतिहास के सबसे गंभीर संकट से गुजर रही है। लगातार फ्लाइट कैंसिलेशन, यात्रियों की बढ़ती शिकायतों और परिचालन तंत्र में गड़बड़ियों के बीच नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने कठोर कार्रवाई करते हुए चार फ्लाइट इंस्पेक्टर्स को निलंबित कर दिया है। यह कदम तब उठाया गया है जब एक दिन पहले ही इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स को DGCA के सामने दूसरी बार पेश होना पड़ा।
मार्केट कैप में 21,000 करोड़ रुपये की गिरावट
लगभग 60% घरेलू एविएशन मार्केट हिस्सेदारी रखने वाली और रोज़ाना करीब 2300 उड़ानें संचालित करने वाली इंडिगो का मार्केट कैप मौजूदा संकट के दौरान 21,000 करोड़ रुपये तक गिर चुका है। एयरलाइन संचालन में लगातार हो रही तकनीकी और व्यवस्थागत गड़बड़ियों ने कंपनी की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
DGCA की बड़ी कार्रवाई: चार फ्लाइट इंस्पेक्टर निलंबित
DGCA ने परिचालन संबंधी खामियों की गंभीरता को देखते हुए चार फ्लाइट इंस्पेक्टर्स को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इनके खिलाफ आरोप है कि इन्होंने हालिया संकट के दौरान संचालन की निगरानी में कमियां बरतीं और आवश्यक दिशानिर्देशों का पालन सुनिश्चित करने में विफल रहे।
यह कदम DGCA की तेजी से आगे बढ़ रही जांच को और सख्त कर देता है।
CEO पीटर एल्बर्स दूसरी बार तलब
गुरुवार को DGCA ने इंडिगो के CEO पीटर एल्बर्स को दूसरी बार तलब किया। उनसे फ्लाइट ऑपरेशन, क्रू प्रबंधन, रोस्टर सिस्टम और नए ड्यूटी-रूल्स के अनुपालन से संबंधित डेटा प्रस्तुत करने को कहा गया।
संकट के 11वें दिन भी एयरलाइन स्थिति को संभालने के लिए संघर्षरत दिखी—बेंगलुरु एयरपोर्ट से शुक्रवार को 54 उड़ानें रद्द हुईं, जबकि गुरुवार को दिल्ली और बेंगलुरु से 200 से अधिक उड़ानें रद्द की गई थीं।
DGCA की हाई-लेवल जांच टीम सक्रिय
DGCA ने एयरलाइन की संचालन प्रणाली की बारीकी से जांच के लिए एक उच्चस्तरीय समिति नियुक्त की है। टीम में शामिल हैं:
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संजय ब्रह्माने, जॉइंट डायरेक्टर जनरल
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अमित गुप्ता, डिप्टी डायरेक्टर जनरल
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कपिल मंगलीक, सीनियर FOI
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लोकेश रामपाल, FOI
समिति पायलटों की ड्यूटी और रेस्ट अवधि, फ्लक्चुएटिंग रोस्टर सिस्टम, मानव संसाधन योजनाओं और परिचालन में हुई बड़ी प्रणालीगत खामियों की जांच कर रही है।
DGCA ने साफ किया है कि इस बार जांच सतही नहीं बल्कि “गहन और बहु-आयामी” होगी।
इंडिगो ने यात्रियों के लिए मुआवजे की घोषणा की
लंबी देरी, भीड़भाड़ और कैंसिलेशन के कारण यात्रियों में भारी नाराज़गी है। इसके बीच इंडिगो ने रिफंड के बाद अतिरिक्त मुआवजे की घोषणा की है।
मुआवजा योजना की प्रमुख बातें:
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3, 4 और 5 दिसंबर को यात्रा करने वाले और गंभीर रूप से प्रभावित यात्रियों को ₹10,000 के ट्रैवल वाउचर
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वाउचर 12 महीनों तक किसी भी यात्रा में इस्तेमाल किए जा सकेंगे
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ट्रैवल पार्टनर प्लेटफॉर्म से बुकिंग करने वाले यात्रियों के लिए प्रोसेस शुरू
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जिन यात्रियों की जानकारी सिस्टम में उपलब्ध नहीं है, वे airline ईमेल के ज़रिए संपर्क कर सकते हैं:
एयरलाइन ने माना है कि इन दिनों यात्रा करने वाले कई यात्रियों का अनुभव बेहद निराशाजनक रहा और वे कई घंटों तक एयरपोर्ट पर फंसे रहे।
संकट कब थमेगा?
इंडस्ट्री विशेषज्ञों का मानना है कि इंडिगो का संकट सिर्फ परिचालन गड़बड़ी का मामला नहीं है, बल्कि यह क्रू शॉर्टेज, रोस्टर प्लानिंग और तेज़ी से बढ़े फ्लाइट नेटवर्क में सामंजस्य की कमी का परिणाम है। DGCA की जांच पूरी होने और सुधारात्मक कदम लागू होने में अभी समय लग सकता है।
यात्रियों को निकट भविष्य में उड़ान संचालन में स्थिरता की उम्मीद बनी रहने के बावजूद थोड़ी और परेशानी झेलनी पड़ सकती है।





