तेलंगाना में बड़ी कार्रवाई: 3,699 अवैध घरेलू LPG सिलेंडर जब्त
जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्ती, 1.10 करोड़ की संपत्ति जब्त; 1,275 मामले दर्ज

तेलंगाना में एलपीजी की जमाखोरी और अवैध बिक्री के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। नागरिक आपूर्ति विभाग ने 12 मार्च से 3 अप्रैल के बीच कुल 3,699 अवैध घरेलू एलपीजी सिलेंडर जब्त किए हैं। इसके अलावा 70 छोटे सिलेंडर भी बरामद किए गए हैं।
अधिकारियों के अनुसार, जब्त किए गए सिलेंडरों की कुल कीमत लगभग 1.10 करोड़ रुपये आंकी गई है। यह कार्रवाई राज्यभर में लगातार चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई है।
आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, इस अवधि में आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 6ए के तहत 1,275 मामले दर्ज किए गए हैं, जबकि 216 एफआईआर भी विभिन्न स्थानों पर दर्ज की गई हैं।
धारा 6ए के तहत जिला कलेक्टरों को यह अधिकार प्राप्त है कि यदि किसी आवश्यक वस्तु की जमाखोरी या कालाबाजारी का संदेह हो तो वे उसे जब्त कर सकते हैं। इसी अधिकार के तहत यह कार्रवाई की जा रही है।
अधिकारियों ने बताया कि कई मामलों में घरेलू एलपीजी सिलेंडरों का उपयोग व्यावसायिक कार्यों में किया जा रहा था, जो नियमों के खिलाफ है। इसी वजह से सख्त कदम उठाए गए हैं।
सरकारी विभाग ने स्पष्ट किया है कि राज्य में घरेलू एलपीजी की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे घबराकर सिलेंडर की अनावश्यक बुकिंग न करें, क्योंकि इससे सप्लाई सिस्टम प्रभावित हो सकता है।
राज्य में सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियां—Indian Oil Corporation Limited, Bharat Petroleum Corporation Limited और Hindustan Petroleum Corporation Limited—प्रतिदिन लगभग 2.15 लाख एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति कर रही हैं।
वहीं, राज्य सरकार ने बताया है कि पेट्रोलियम उत्पादों का स्टॉक लगभग तीन महीने तक पर्याप्त है, जिससे आपूर्ति को लेकर किसी प्रकार की घबराहट की जरूरत नहीं है।
हालांकि, राज्य में ऑटो एलपीजी की कमी से ऑटोरिक्शा चालकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। अनुमान के अनुसार, प्रतिदिन करीब 55 मीट्रिक टन की कमी बनी हुई है, जिससे लगभग एक लाख ऑटो प्रभावित हुए हैं।
सरकार ने केंद्र से अतिरिक्त आपूर्ति की मांग की है ताकि ऑटो एलपीजी संकट को दूर किया जा सके और परिवहन व्यवस्था सामान्य हो सके।
निष्कर्ष
तेलंगाना में एलपीजी के दुरुपयोग और जमाखोरी पर सख्त कार्रवाई से स्पष्ट है कि सरकार आपूर्ति व्यवस्था को पारदर्शी और नियंत्रित बनाए रखने के लिए गंभीर कदम उठा रही है।



