सीएम योगी का बड़ा फैसला: 331 परिवारों को मिला जमीन का मालिकाना हक
बांग्लादेश से आए परिवारों को लखीमपुर खीरी में मिली स्थायी पहचान और अधिकार

योगी आदित्यनाथ सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए लखीमपुर खीरी में बांग्लादेश से आए 331 परिवारों को जमीन का मालिकाना हक प्रदान किया है। इस निर्णय से वर्षों से बसे इन परिवारों को कानूनी पहचान और स्थायित्व मिला है।
बताया जा रहा है कि ये परिवार लंबे समय से जिले के विभिन्न क्षेत्रों में निवास कर रहे थे, लेकिन भूमि के स्वामित्व का अधिकार न होने के कारण उन्हें कई प्रकार की प्रशासनिक और सामाजिक समस्याओं का सामना करना पड़ता था। अब सरकार के इस फैसले से उन्हें न केवल जमीन पर अधिकार मिला है, बल्कि सरकारी योजनाओं का लाभ लेने का रास्ता भी आसान हो गया है।
सरकार की ओर से यह पहल पुनर्वास और सामाजिक समावेशन की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, इस प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता के साथ पूरा किया गया है और पात्र परिवारों का सत्यापन करने के बाद ही उन्हें भूमि अधिकार दिए गए हैं।
इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य सरकार हर नागरिक को सम्मान और सुरक्षा देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिन लोगों ने वर्षों से प्रदेश में रहकर समाज का हिस्सा बने हैं, उन्हें अधिकारों से वंचित नहीं रखा जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से न केवल इन परिवारों की जीवनशैली में सुधार होगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। जमीन का मालिकाना हक मिलने से परिवार अब स्थायी आवास, शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसरों की ओर बढ़ सकेंगे।
यह निर्णय राज्य सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों को दर्शाता है, जिसमें समाज के कमजोर और वंचित वर्गों को मुख्यधारा में लाने पर जोर दिया जा रहा है।




