गौतम गंभीर ने दिल्ली हाई कोर्ट में दायर की पर्सनैलिटी राइट्स याचिका
सोशल मीडिया पर डीपफेक वीडियो, भ्रामक सामग्री और मर्चेंडाइज के अवैध इस्तेमाल के खिलाफ कार्रवाई की मांग

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के कोच और पूर्व बल्लेबाज गौतम गंभीर ने अपने व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा के लिए दिल्ली हाई कोर्ट में सिविल याचिका दायर की है। गंभीर का दावा है कि उनकी पहचान, नाम, चेहरा और आवाज का सोशल मीडिया पर बार-बार गलत इस्तेमाल किया जा रहा है।
याचिका में गंभीर ने डीपफेक वीडियो, भ्रामक कंटेंट और बिना अनुमति मर्चेंडाइज बेचने के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने 2.5 करोड़ रुपये के हर्जाने के साथ-साथ ऐसी सामग्री को हटाने की भी अपील की है। उनके अनुसार, कुछ अकाउंट्स ने उनकी पहचान का गलत लाभ उठाकर पैसे कमाने की योजना बनाई है।
केस में कई उदाहरण भी शामिल किए गए हैं। एक वीडियो में गंभीर के इस्तीफे की झूठी घोषणा दिखाई गई, जिसे करीब 30 लाख लोग देख चुके हैं। वहीं, एक अन्य वीडियो में वरिष्ठ क्रिकेटरों पर उनकी टिप्पणियों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया, जिसे 17 लाख से अधिक बार देखा गया।
इस याचिका में 16 प्रतिवादियों को शामिल किया गया है, जिनमें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, फ्लिपकार्ट जैसी ई-कॉमर्स साइट्स और मेटा, एक्स, गूगल/यूट्यूब जैसे मध्यस्थ शामिल हैं। कोर्ट ने इस मामले में कॉपीराइट अधिनियम 1957, ट्रेड मार्क्स अधिनियम 1999 और वाणिज्यिक न्यायालय अधिनियम 2015 का हवाला दिया है।
पूर्व क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने भी इसी तरह की पर्सनैलिटी राइट्स याचिका दायर की थी। उस मामले में कोर्ट ने मेटा, एक्स और गूगल को आदेश दिया कि वे उनके नाम और फोटो का गलत इस्तेमाल करने वाले कंटेंट को हटाएं। गंभीर की याचिका भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।


