गोवा नाइटक्लब अग्निकांड : मालिक सौरभ लूथरा का पहला बयान — “मैं अत्यन्त व्यथित हूँ”
पचीस लोगों की मृत्यु वाले भयानक अग्निकांड के बाद मालिक अब भी फरार; बयान में दुख प्रकट किया, पुलिस ने जारी किया खोज-सूचना

गोवा के “बर्च बाई रोमियो लेन” नामक नृत्य-प्रसंग स्थल में लगी भीषण आग ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इस दुर्घटना में लगभग पचीस लोगों की मृत्यु हो चुकी है और अनेक लोग घायल हैं। घटना के तुरंत बाद इस परिसर के संचालक सौरभ लूथरा लापता हो गए, किन्तु अब उन्होंने अपना पहला लिखित वक्तव्य जारी किया है। इसमें उन्होंने कहा कि वे इस घटना से “अत्यन्त विचलित” हैं। दूसरी ओर, पुलिस ने उन्हें देश से बाहर जाने से रोकने हेतु खोज-सूचना (लुक-आउट नोटिस) जारी कर दिया है।
आग कैसे लगी?
शनिवार की रात्रि इस मनोरंजन-स्थल में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम चल रहा था। बड़ी संख्या में लोग भीतर उपस्थित थे। कार्यक्रम के दौरान अचानक मंच-निकट अग्नि-प्रभाव आरम्भ हुआ। भवन के भीतर ज्वलनशील सजावट, लकड़ी के फर्श, तथा अग्नि-सुरक्षा प्रबन्धों की कमी के कारण आग शीघ्र ही फैल गई। धुआँ पूरे परिसर में भर गया और अधिकांश मृतकों की मृत्यु धुएँ से दम घुटने के कारण हुई। स्थल पर उचित आपातकालीय द्वार नहीं था, जिससे लोगों को बाहर निकलने में भारी कठिनाई हुई।
सौरभ लूथरा का पहला बयान
लूथरा ने अपने लिखित वक्तव्य में कहा कि यह घटना उन्हें “मन और आत्मा तक हिला देने वाली” है तथा वे मृतकों और घायलों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वे जाँच-प्रक्रिया में “पूरा सहयोग” देंगे। किन्तु इसके बावजूद वे अभी तक पुलिस की पकड़ से बाहर हैं, जिससे उनके वक्तव्य पर अनेक प्रश्न उठ खड़े हुए हैं।
पुलिस की कार्रवाई — मालिक अब भी लापता
वक्तव्य सार्वजनिक होने के बाद भी सौरभ लूथरा कानून-व्यवस्था से दूर ही हैं। इसी कारण पुलिस ने उनके नाम खोज-सूचना जारी कर दी है। जाँच में यह बात सामने आ रही है कि यह मनोरंजन-स्थल बिना आवश्यक अनुमति-पत्रों तथा बिना अग्नि-सुरक्षा साधनों के संचालित किया जा रहा था।
दोषियों के विरुद्ध मामला दर्ज
दुर्घटना के बाद पुलिस ने स्थल के संचालक, प्रबन्धक, आयोजनकर्ताओं तथा अन्य कर्मचारियों के विरुद्ध प्रकरण पंजीकृत किया है। उन पर गैर-इरादतन हत्या जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
साथ ही, स्थानीय पंचायत और प्रशासनिक अधिकारियों की भी जाँच की जा रही है, जिनके आदेश या ढिलाई से यह स्थल चल रहा था। कुछ अधिकारियों को निलम्बित भी किया गया है।
सुरक्षा-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न
यह दुखद घटना पूरे देश में मनोरंजन-स्थलों और भोजनालयों की सुरक्षा-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े करती है। अनेक स्थानों पर अग्नि-अनुमति, आपात-द्वार, अग्निशमन-उपकरण और भीड़-नियंत्रण जैसे उपाय केवल कागज़ों में ही मौजूद रहते हैं। गोवा की यह घटना चेतावनी देती है कि सुरक्षा-लापरवाही किसी भी समय बड़ी त्रासदी का रूप ले सकती है।

