लखनऊ: अखिलेश यादव का बड़ा आरोप — “चुनाव आयोग के हाथ खून से रंगे, SIR फॉर्म को लेकर सरकार में अजीब जल्दबाजी
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को चुनाव आयोग और राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि SIR फॉर्म भरवाने को लेकर बीएलओ और कर्मचारियों पर असामान्य वर्क प्रेशर बनाया जा रहा है, जिसके चलते कई जगह कर्मचारियों पर मानसिक दबाव बढ़ रहा है।
अखिलेश ने दावा किया कि “भाजपा को SIR के लिए आखिर इतनी जल्दी क्यों है? यूपी में शादी का सीजन चल रहा है, लोग व्यस्त हैं, लेकिन सरकार को इसकी कोई परवाह नहीं।”
उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम के सफाई कर्मियों तक को सहायक बनाकर फॉर्म भरवाने का दबाव बनाया जा रहा है। फतेहपुर के हालिया मामले का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सरकारी दबाव के चलते एक सुपरवाइजर ने आत्महत्या कर ली, जो बेहद चिंताजनक है।
अखिलेश ने कहा, “वेस्ट बंगाल के लोग भी कह रहे हैं कि चुनाव आयोग के हाथ खून से रंगे हैं।”
उनका कहना है कि सरकार SIR के नाम पर ऐसा सिस्टम लागू कर रही है, जिससे आम लोगों की जान और अधिकार दोनों खतरे में पड़ रहे हैं।

विपक्षी दलों से एकजुट होने की अपील
अखिलेश यादव ने एक दिन पहले सभी विपक्षी दलों के साथ-साथ एनडीए के सहयोगियों से भी अपील की थी कि वे SIR प्रक्रिया में हो रहे कथित “अनियमितताओं” के खिलाफ एकजुट हों।
उन्होंने कहा कि “भाजपा जिसको अपना सहयोगी मानती है, उसी का सबसे पहले खात्मा करती है। इसलिए इस घपलेबाजी का मिलकर विरोध करना जरूरी है।”
अखिलेश ने SIR को “लोकतंत्र के साथ धोखाधड़ी” बताते हुए कहा कि आज अगर वोटर लिस्ट से नाम काटे जा रहे हैं, तो कल जमीन, मकान, राशन कार्ड, जाति प्रमाणपत्र और आरक्षण तक खतरे में पड़ सकते हैं।
उन्होंने इसे देश के खिलाफ “एक बड़ी साजिश” बताया, जो देश को “अंग्रेजों की गुलामी से भी बदतर स्थिति” में ले जा सकती है।


