काम का पहला दिन बना आखिरी
हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से नीरज की मौत, परिवार और ग्रामीणों के साथ विधायक ने धरना देकर मुआवजे व कार्रवाई की मांग उठाई।
बुलंदशहर के खुर्जा थाना क्षेत्र के परौरी गांव में रविवार सुबह दर्दनाक हादसा हो गया। पड़ोस के मकान में मजदूरी करने पहुंचे युवक नीरज की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से मौत हो गई। बताया गया कि काम का पहला दिन ही उसकी जिंदगी का आखिरी दिन साबित हुआ।
हादसे की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। नीरज की बहन भावना ने बताया कि उनके पिता किशोरी की करीब तीन साल पहले बीमारी के कारण मौत हो गई थी। दोनों बहनों की शादी हो चुकी है। ऐसे में नीरज अपनी मां कुसमा के साथ घर में रहता था और मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करता था।
परिवार के मुताबिक नीरज अपनी वृद्ध मां का अकेला सहारा था। उसकी मौत के बाद मां के सामने बुढ़ापे में जीवन यापन की बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। घटना के बाद ग्रामीणों में भी आक्रोश फैल गया और उन्होंने ऊर्जा निगम के खिलाफ खुर्जा-जेवर मार्ग पर जाम लगा दिया।
सूचना मिलने पर एसडीएम और सीओ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन लोग अपनी मांगों पर अड़े रहे। स्थानीय विधायक मीनाक्षी सिंह भी ग्रामीणों के साथ धरने पर बैठ गईं। ग्रामीणों ने हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई और पीड़ित परिवार को उचित सहायता देने की मांग की।
करीब सवा पांच घंटे बाद नोएडा के अधीक्षण अभियंता की ओर से आश्वासन मिलने के बाद ग्रामीणों ने जाम खोला। हादसे ने बिजली सुरक्षा व्यवस्था और मजदूरों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।





