सरकार ने FY2025 तक असेट मोनेटाइजेशन के जरिए 1.42 लाख करोड़ रुपये जुटाए, बोले नितिन गडकरी

सरकार ने वित्त वर्ष 2025 तक राजमार्ग परिसंपत्तियों के मुद्रीकरण के अलग-अलग तरीकों से 1,42,758 करोड़ रुपये जुटाए हैं। गुरुवार को संसद में यह जानकारी दी गई। केंद्रीय सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर में बताया कि चालू वित्त वर्ष में परिसंपत्ति मुद्रीकरण से अनुमानित रूप से 30,000 करोड़ रुपये आए है। सरकार राजमार्ग परिसंपत्तियों का मुद्रीकरण तीन तरीकों से करती है- टोल ऑपरेट एंड ट्रांसफर (टीओटी), इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (इनविट) और सिक्योरिटाइजेशन (एसपीवी के माध्यम से परियोजना आधारित वित्तपोषण)।
एक अन्य प्रश्न के उत्तर में गडकरी ने कहा कि सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए कैशलेस उपचार योजना, 2025 (योजना) पायलट कार्यक्रम की शुरुआत की गई। इस दौरान छह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मार्च 2024 से होने के बाद से 31 जुलाई, 2025 तक 4,971 सड़क दुर्घटना पीड़ितों का इलाज किया गया है।
सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए कैशलेस उपचार योजना, 2025 (योजना) को अखिल भारतीय स्तर पर अधिसूचित किया गया है। इस योजना के तहत, मोटर वाहन के उपयोग के कारण हुई सड़क दुर्घटना का शिकार होने वाले किसी भी व्यक्ति को देश भर में किसी भी निर्दिष्ट अस्पताल में दुर्घटना की तारीख से अधिकतम 7 दिनों की सीमा के अधीन, प्रति पीड़ित 1.5 लाख रुपये तक के उपचार का कवर मिलेगा। इसके अलावा, एक अन्य प्रश्न का उत्तर देते हुए उन्होंने कहा कि 12 अगस्त 2025 तक वाहन पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, वाहनों पर लगाई गई उच्च सुरक्षा पंजीकरण प्लेटों की कुल संख्या 20,16,32,06 है।
मंत्री ने यह भी कहा कि 12 अगस्त, 2025 तक पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधाओं (आरवीएसएफ) में कुल 2,76,990 वाहनों को स्क्रैप किया जा चुका है। टीओटी मोड के तहत, खुले बाजार से बोलियां आमंत्रित की जाती हैं। सड़क खंड रियायत अवधि (15-30 वर्ष) के लिए सबसे ऊंची बोली लगाने वाले को दिए जाते हैं, जो आरक्षित मूल्य से अधिक होनी चाहिए।





