यूपी में बारिश थमी, फिर भी बाढ़ का कहर जारी, लखनऊ में हजारों घर जलमग्न
लखीमपुर में शारदा नदी के कटान से मकान बहे, गांव में घुसा बाघ; 11 जिलों में बाढ़ से बिगड़े हालात
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मानसून की विदाई के बाद भी बाढ़ का संकट कम नहीं हुआ है। प्रदेश में नौ दिनों से बारिश नहीं होने के बावजूद नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। बांधों और बैराजों से छोड़े गए पानी के कारण 11 जिलों में बाढ़ के हालात बने हुए हैं। दस नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। लखनऊ में गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से कई रिहायशी इलाकों में पानी घुस गया है, जबकि लखीमपुर खीरी में शारदा नदी का कटान तेज होने से मकान और पेड़ नदी में समा रहे हैं।
लखीमपुर खीरी के रुरा सुल्तानपुर में शारदा नदी के कटान से अब तक 11 पक्के और दो कच्चे मकान नदी में समा चुके हैं। नदी की धारा गांव की ओर मुड़ने से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। कई पेड़ भी बह गए हैं। गांव के मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर भी कटान का खतरा मंडरा रहा है। दूसरी ओर, बेल्हा सिकटिहा गांव में बाढ़ के पानी में बाघ फंसने से दहशत फैल गई है।
राजधानी लखनऊ के फैजुल्लागंज सहित कई इलाकों में बाढ़ का पानी घरों और गलियों में भर गया है। कई स्थानों पर पांच से आठ फीट तक पानी जमा होने की सूचना है। प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ रहा है। गलियों में नावों के सहारे आवागमन हो रहा है। गोमती रिवरफ्रंट जलमग्न होने के कारण उसे अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है। एहतियातन फूड वैली भी बंद कर दी गई है।
उन्नाव में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंचने के बाद तटीय बस्तियों में पानी घुस गया है। सीतापुर में बाढ़ के पानी में डूबने से तीन लोग लापता हो गए थे, जिनमें से एक युवक का शव बरामद किया गया। प्रदेश के अन्य प्रभावित जिलों में भी प्रशासन हालात पर नजर रख रहा है।
इस बीच मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून तीन अक्टूबर को उत्तर प्रदेश से विदा हो गया। इस वर्ष मानसून ने 30 जून को प्रदेश में प्रवेश किया था और करीब 95 दिनों तक सक्रिय रहा। फिलहाल प्रदेश में बारिश का कोई अलर्ट नहीं है और कई इलाकों में तेज धूप निकल रही है। हालांकि, ऊपरी क्षेत्रों से आ रहे पानी और बांधों से छोड़े जा रहे जल के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ने का खतरा बना हुआ है। ऐसे में बाढ़ प्रभावित इलाकों के लोगों को सतर्क रहने और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने की जरूरत है।




